नई दिल्ली:- सोशल मीडिया की दुनिया में Instagram और WhatsApp इस्तेमाल करने वालों के लिए Meta ने AI की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। Meta ने “Muse” नाम का Personal AI Agent पेश किया है। खास बात यह है कि Muse सिर्फ सवालों के जवाब देने वाला चैटबॉट नहीं है, बल्कि यूजर की तरफ से कई डिजिटल कामों को आगे बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह यूजर के लक्ष्य को समझकर योजना बनाने और जरूरत पड़ने पर खुद कार्रवाई करने में सक्षम है।
आखिर Muse है क्या?
Muse को ऐसे समझिए जैसे आपके फोन में बैठा एक डिजिटल सहायक, जिसे आप अपना काम बता सकते हैं। उदाहरण के लिए अगर आप कहते हैं कि किसी यात्रा के लिए टिकट या फ्लाइट के दाम पर नजर रखनी है, तो Muse उस काम को लगातार मॉनिटर कर सकता है। इसी तरह किसी रेसिपी से खरीदारी की सूची बनाना और ऑनलाइन खरीदारी जैसे काम भी इसके इस्तेमाल के उदाहरण हैं। यानी अब AI से केवल यह पूछना जरूरी नहीं कि “मुझे क्या करना चाहिए?” बल्कि आप यह भी कह सकते हैं—“यह काम मेरे लिए कर दो।”
Instagram से इसका क्या कनेक्शन है?
Muse को लोगों के रोजमर्रा के ऐप्स के साथ काम करने के लिए तैयार किया गया है। इसे Muse ऐप के अलावा WhatsApp और Instagram के साथ भी जोड़ा जा रहा है। उदाहरण के तौर पर Instagram पर सेव की गई किसी रेसिपी को आधार बनाकर Muse आपके लिए सामान की सूची तैयार कर सकता है। यही वजह है कि इसे Instagram का कोई सामान्य नया फिल्टर या एडिटिंग टूल समझना सही नहीं होगा। यह Meta की AI-agent strategy का हिस्सा है।
Muse काम कैसे करेगा?
इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यूजर उसे एक लक्ष्य बता सकता है। इसके बाद Muse उस लक्ष्य को छोटे-छोटे कामों में बांटकर आगे बढ़ाने की कोशिश करता है। मसलन, आपको किसी यात्रा की योजना बनानी है। Muse आपके लिए जानकारी जुटा सकता है, विकल्पों को व्यवस्थित कर सकता है और जहां अनुमति जरूरी हो, वहां आपसे मंजूरी मांग सकता है।
Muse जरूरत पड़ने पर ब्राउजर खोलकर वेबसाइट पर जा सकता है, फॉर्म भर सकता है और कुछ ऑनलाइन प्रक्रियाओं को आपकी ओर से आगे बढ़ा सकता है। लंबे काम के मामले में यूजर ऐप बंद कर दे, तब भी सिस्टम काम जारी रख सकता है और जरूरत पड़ने पर वापस जानकारी या अनुमति मांग सकता है।
खरीदारी भी कर सकता है AI?
यही इस फीचर का सबसे दिलचस्प हिस्सा है। Muse ऑनलाइन खरीदारी में भी मदद कर सकता है। भुगतान के लिए सुरक्षित व्यवस्था का इस्तेमाल किया गया है और एक बार इस्तेमाल होने वाले कार्ड नंबर जैसी सुरक्षा व्यवस्था का भी प्रावधान है, ताकि वास्तविक कार्ड की जानकारी सीधे सामने न आए। हालांकि संवेदनशील कामों में Muse को यूजर की अनुमति लेनी होगी। ईमेल भेजने या खरीदारी जैसे महत्वपूर्ण कदमों से पहले व्यक्ति की मंजूरी ली जा सकती है।
प्राइवेसी को लेकर क्या दावा है?
AI एजेंट जितना ज्यादा काम कर सकता है, उतना ही बड़ा सवाल उसकी प्राइवेसी को लेकर उठता है। Muse के लिए सुरक्षित वर्चुअल मशीन यानी Secure VM का इस्तेमाल किया गया है। इसमें यूजर का डेटा और कनेक्ट किए गए सर्विस के क्रेडेंशियल सुरक्षित तरीके से रखे जाते हैं।Muse को यूजर के पासवर्ड और पेमेंट डिटेल सीधे दिखाई नहीं देते। संवेदनशील कार्रवाई से पहले यूजर की अनुमति ली जाती है और Muse ने क्या किया, इसका रिकॉर्ड भी रखा जा सकता है।
Muse और Muse Image में अंतर
यहां एक भ्रम दूर करना जरूरी है। Muse और Muse Image एक ही चीज नहीं हैं। Muse Image Meta का AI इमेज सिस्टम था, जबकि नया Muse एक Personal AI Agent है, जिसका उद्देश्य यूजर के लिए डिजिटल काम करना है। इसलिए सोशल मीडिया पर “Instagram का नया Muse फीचर” लिखा देखकर यह समझना जरूरी है कि बात किस Muse की हो रही है।
आने वाले समय में क्या बदलेगा?
Muse का असली असर यही हो सकता है कि AI धीरे-धीरे केवल “जवाब देने वाली तकनीक” से आगे बढ़कर “काम करने वाली तकनीक” बन जाए। आज हम Instagram पर कोई रेसिपी सेव करते हैं और फिर खुद बाजार जाकर सामान खरीदते हैं। भविष्य में AI उस रेसिपी को समझकर सामान की सूची बनाए, उपलब्ध विकल्प तलाशे और आपकी मंजूरी मिलने के बाद खरीदारी तक पहुंचा दे—Muse इसी दिशा का उदाहरण है।
यानी Instagram और WhatsApp का अगला दौर सिर्फ कंटेंट देखने का नहीं, बल्कि AI को अपने लिए डिजिटल काम सौंपने का हो सकता है।
