नई दिल्ली:– महाराष्ट्र में विधान परिषद की 16 सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनावों से ठीक पहले सत्ताधारी महायुति गठबंधन के भीतर दरारें चौड़ी होती दिख रही हैं। हाल ही में एनसीपी के महासचिव आनंद परांजपे ने पार्टी छोड़कर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना का रुख कर लिया था। वहीं दूसरी तरफ, सुनेत्रा पवार के पत्र में पदों का उल्लेख न होने से नाराज प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने शरद पवार से मुलाकात की थी। इस पूरे घटनाक्रम के बीच, तिलक भवन में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे ने दावा किया कि अजित पवार की पार्टी का अस्तित्व अब खतरे में है।
लोंढे ने एनसीपी (शरद चंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार के पिछले बयान को सही ठहराते हुए कहा कि रोहित पवार के पास उन 40 नेताओं और विधायकों की पूरी सूची है जो अजित पवार की एनसीपी (सुनेत्रा पवार) का साथ छोड़कर भाजपा में शामिल होने की रणनीति बना चुके हैं। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के पुराने बयान की याद दिलाते हुए कहा कि भाजपा देश से सभी विपक्षी दलों का नामोनिशान मिटा देना चाहती है, और सत्ता का दुरुपयोग कर वे इस फूट को अंजाम दे रहे हैं।
एनसीपी की कमान किसके हाथ में?
अतुल लोंढे ने अजित पवार गुट की आंतरिक व्यवस्था पर चुटकी लेते हुए पूछा कि इस समय इस पार्टी को वास्तव में चला कौन रहा है? क्या इसके फैसले शरद पवार की परछाई में हो रहे हैं, या इसे दिल्ली से भाजपा नियंत्रित कर रही है? उन्होंने कहा कि प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और पार्थ पवार के अलग-अलग रुख और देवेंद्र फडणवीस से हुई मुलाकातों से यह स्पष्ट है कि पार्टी के भीतर गहरा असंतोष है और यह संगठन बहुत जल्द पूरी तरह बिखरने वाला है।
पीएम मोदी की उपस्थिति पर उठाया सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने लोंढे से शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे की विधान परिषद में बेहद कम उपस्थिति को लेकर सवाल पूछा, तो वे भड़क गए। उन्होंने उद्धव ठाकरे का बचाव करते हुए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। लोंढे ने पूछा, “देश के प्रधानमंत्री कितनी बार संसद के सत्रों में उपस्थित रहते हैं? उनकी उपस्थिति भी बेहद कम होती है और जब वे आते हैं, तो सिर्फ विपक्ष का मजाक उड़ाते हैं। उनकी तुलना में उद्धव ठाकरे सदन में अधिक समय देते हैं।”
सदाभाऊ खोत को कहा ‘उल्लू’
राजनीतिक चर्चा को आगे बढ़ाते हुए अतुल लोंढे ने महायुति के समर्थक और आक्रामक नेता सदाभाऊ खोत पर भी तीखा व्यक्तिगत हमला बोला। लोंढे ने खोत द्वारा विपक्ष पर की जा रही लगातार आलोचनाओं का जवाब देते हुए उन्हें ‘उल्लू’ कह डाला। कांग्रेस के इस आक्रामक रुख और लोंढे के गुप्त खुलासे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर नए स्तर पर पहुंच गया है, जिससे आगामी चुनाव बेहद दिलचस्प होने की उम्मीद है।
