नई दिल्ली:– भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए नियमों को और सख्त करते हुए जुर्माने की राशि में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम, 1989 की कई धाराओं में संशोधन किया है। नए नियमों के तहत अब बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों को पहले की तुलना में दोगुना न्यूनतम जुर्माना भरना होगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अब किसी यात्री के बिना टिकट, बिना वैध पास या निर्धारित दूरी से अधिक यात्रा करते हुए पकड़े जाने पर पहले पेनल्टी लगाई जाएगी। यदि यात्री पेनल्टी नहीं भरता है, तभी मामला अदालत में भेजा जाएगा।
बिना टिकट यात्रा पर बढ़ा जुर्माना
रेलवे अधिनियम की धारा 137 के तहत जानबूझकर बिना टिकट यात्रा करने पर पहले न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये था, जिसे अब बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। हालांकि अधिकतम सजा, यानी 6 महीने तक की जेल या 1,000 रुपये तक जुर्माना, पहले की तरह ही लागू रहेगी। यात्रा किराया और अतिरिक्त शुल्क भी अलग से वसूला जाएगा।
धारा 138 के तहत बिना वैध टिकट या निर्धारित दूरी से आग यात्रा करने पर लगने वाला न्यूनतम अतिरिक्त जुर्माना भी 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। वास्तविक दूरी का किराया और अन्य शुल्क पहले की तरह लागू रहेंगे।
खतरनाक सामान ले जाने पर 10,000 रुपये तक जुर्माना
भारतीय रेलवे ने खतरनाक या आपत्तिजनक वस्तुएं लेकर यात्रा करने वालों के खिलाफ भी सख्ती बढ़ाई है। ऐसे मामलों में अब कम से कम 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकेगा। गंभीर मामलों में जेल की सजा का भी प्रावधान है। रेलवे स्टेशन या ट्रेनों में बिना लाइसेंस सामान बेचने, फेरी लगाने या भीख मांगने पर अब 2,000 रुपये तक की पेनल्टी लगाई जाएगी। बार-बार नियम तोड़ने वालों को जेल और अतिरिक्त जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
महिला कोच में अनधिकृत प्रवेश पर भारी जुर्माना
पुरुष यात्रियों द्वारा महिला आरक्षित डिब्बे, सीट या कक्ष में बिना अनुमति प्रवेश करने पर 2,500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। पेनल्टी न भरने पर मामला अदालत में जाएगा, जहां 5,000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
1 जुलाई 2026 से लागू होंगे नए नियम
रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को संशोधित नियमों की जानकारी भेज दी है। रेल मंत्रालय के अनुसार, 1 जुलाई 2026 या उसके बाद दर्ज होने वाले मामलों में नई जुर्माना राशि लागू की जाएगी। मंत्रालय का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाना, रेलवे राजस्व की सुरक्षा करना और टिकट जांच व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
