मध्य प्रदेश:– भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की शुरुआत हो गई है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने सबसे पहले समिट में देर से पहुंचने के लिए माफी मांगी और बताया कि बच्चों की बोर्ड परीक्षा के कारण उन्होंने देरी से निकाला, ताकि बच्चे समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकें। इसके बाद पीएम मोदी ने बताया कि पिछले दो दशकों में बीजेपी सरकारों के नेतृत्व में मध्य प्रदेश ने किस तरह से विकास किया है।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मध्य प्रदेश में पहले सड़कों की हालत इतनी खराब थी कि बसें भी ठीक से नहीं चल पाती थीं, लेकिन आज यह राज्य देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की क्रांति का प्रमुख केंद्र बन गया है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2025 तक मध्य प्रदेश में लगभग दो लाख इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर्ड हो चुके हैं, जो यह दर्शाता है कि यह राज्य अब मैन्युफैक्चरिंग के नए सेक्टर्स के लिए एक बेहतरीन गंतव्य बनता जा रहा है।
80 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत योजना के तहत आधुनिक बनाने का हो रहा काम
प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण बातें साझा की। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में टॉप 5 राज्यों में आने की पूरी क्षमता है। पिछले 20 सालों में राज्य ने जबरदस्त बदलाव देखा है। पीएम मोदी ने बताया कि राज्य में रेलवे नेटवर्क को भी मॉडर्न किया जा रहा है। इसके अलावा, 80 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत योजना के तहत आधुनिक बनाया जा रहा है।
यहां हो रहा 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश
उन्होंने यह भी बताया कि मध्य प्रदेश में 5 लाख किलोमीटर से ज्यादा सड़क नेटवर्क है, जिससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर में विकास की पूरी संभावना है। राज्य में 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश बीना रिफाइनरी पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स में किया जा रहा है, जो मध्य प्रदेश को पेट्रोकेमिकल हब बनाएगा।
पीएम मोदी ने अपने भाषण में यह भी कहा कि भारत से पूरी दुनिया को बहुत उम्मीदें हैं। पिछले एक दशक में भारत ने इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा सेक्टर में बड़ी प्रगति की है, खासकर ग्रीन एनर्जी में। इसके अलावा, जल सुरक्षा के महत्व को समझते हुए, सरकार जल संरक्षण और रिवर इंटरलिंकिंग जैसे बड़े कदम उठा रही है। आखिर में, प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत के विकास में टेक्सटाइल, टूरिज्म और टेक्नोलॉजी सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका होगी, जो लाखों नई नौकरियां पैदा करेंगे।
