नई दिल्ली:– भारत में कार खरीदने वालों की पसंद तेजी से बदलती नजर आ रही है। लंबे समय से पैसेंजर व्हीकल बाजार में पेट्रोल कारों का दबदबा रहा है, लेकिन अगस्त 2026 के आंकड़ों ने ऑटो सेक्टर की बदलती तस्वीर साफ कर दी है। अब ग्राहक सिर्फ पेट्रोल और डीजल तक सीमित नहीं रहना चाहते। CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
अगस्त में देश में पैसेंजर व्हीकल की रिटेल बिक्री करीब 4.01 लाख यूनिट रही, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 16 फीसदी ज्यादा है। यानी कारों की मांग मजबूत बनी हुई है, लेकिन कार खरीदते समय ग्राहक किस फ्यूल ऑप्शन को चुन रहे हैं, उसमें बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है।
पहली बार पेट्रोल से आगे निकले दूसरे फ्यूल ऑप्शन
अगस्त के आंकड़ों के मुताबिक CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों ने मिलकर पैसेंजर व्हीकल रिटेल बिक्री में करीब 42 फीसदी हिस्सेदारी हासिल की। दूसरी ओर पेट्रोल कारों का मार्केट शेयर घटकर 41 फीसदी रह गया।
यह पेट्रोल कारों के लिए अब तक का सबसे निचला मार्केट शेयर बताया जा रहा है। पिछले साल अगस्त में पेट्रोल कारों की हिस्सेदारी करीब 46 फीसदी थी। यानी सिर्फ एक साल में पेट्रोल की हिस्सेदारी में करीब 5 प्रतिशत की कमी आई है।
इस बदलाव के पीछे बढ़ती फ्यूल कॉस्ट, बेहतर माइलेज, कम रनिंग कॉस्ट और नई ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी को अहम कारण माना जा रहा है।
CNG कारों की मांग ने बनाया नया रिकॉर्ड
फ्यूल ऑप्शन में सबसे मजबूत प्रदर्शन CNG कारों का देखने को मिला है। अगस्त में पैसेंजर व्हीकल रिटेल बिक्री में CNG की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 25 फीसदी हो गई। पिछले साल अगस्त में यह आंकड़ा लगभग 21 फीसदी था।
CNG कारों को पसंद करने की बड़ी वजह इनकी अपेक्षाकृत कम रनिंग कॉस्ट और बेहतर माइलेज है। यही वजह है कि अब कई वाहन निर्माता कंपनियां CNG सेगमेंट पर पहले से ज्यादा ध्यान दे रही हैं।
यहां तक कि प्रीमियम सेगमेंट में खुद को अलग रखने वाली कंपनियां भी CNG मॉडल की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। किआ इंडिया भी इस सेगमेंट में प्रवेश कर चुकी है और कंपनी की Kia Carens CNG को लेकर बाजार में काफी चर्चा है।
CNG बाजार में मारुति की बादशाहत
CNG कारों की बिक्री में मारुति सुजुकी का दबदबा अभी भी मजबूत है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार देश में बिकने वाली CNG कारों में मारुति सुजुकी की हिस्सेदारी करीब 71 फीसदी है।
इसके बाद टाटा मोटर्स करीब 17 फीसदी और हुंडई करीब 9 फीसदी हिस्सेदारी के साथ बाजार में मौजूद हैं।
आंकड़ों से संकेत मिलता है कि CNG अब सिर्फ कम बजट वाली कारों तक सीमित नहीं रह गया है। ग्राहकों की बढ़ती मांग के चलते कंपनियां भी अपने मौजूदा मॉडल में CNG विकल्प जोड़ने पर जोर दे रही हैं।
डीजल की हिस्सेदारी अभी भी मजबूत
पेट्रोल के मुकाबले डीजल कारों की बिक्री भले ही कम हो रही हो, लेकिन पैसेंजर व्हीकल बाजार में इसका हिस्सा अभी भी महत्वपूर्ण है। अगस्त में डीजल वाहनों की हिस्सेदारी करीब 17 फीसदी रही।
SUV और ज्यादा किलोमीटर चलाने वाले ग्राहकों के बीच डीजल की मांग अभी भी बनी हुई है। हालांकि कंपनियों का फोकस अब धीरे-धीरे CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक जैसे विकल्पों पर भी बढ़ रहा है।
EV की बिक्री में 52 फीसदी का उछाल
इलेक्ट्रिक कारों के बाजार ने भी अगस्त में शानदार प्रदर्शन किया। इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल की बिक्री सालाना आधार पर करीब 52 फीसदी बढ़कर 30,700 यूनिट के आसपास पहुंच गई।
इसके साथ ही कुल पैसेंजर व्हीकल बाजार में EV की हिस्सेदारी करीब 7.7 फीसदी हो गई, जबकि पिछले साल अगस्त में यह करीब 5.9 फीसदी थी।
हालांकि जुलाई 2026 में EV का मार्केट शेयर करीब 8.1 फीसदी था, इसलिए अगस्त में मामूली गिरावट देखने को मिली। इसके बावजूद बिक्री के लिहाज से अगस्त इलेक्ट्रिक कारों के लिए अब तक के बेहतर महीनों में शामिल रहा।
EV बाजार में टाटा मोटर्स सबसे आगे
इलेक्ट्रिक कारों के बाजार में टाटा मोटर्स की स्थिति मजबूत बनी हुई है। कंपनी का EV मार्केट शेयर अगस्त में करीब 43 फीसदी तक पहुंच गया।
यह दिसंबर 2025 के बाद कंपनी के लिए सबसे मजबूत हिस्सेदारी में से एक बताई जा रही है। टाटा मोटर्स लगातार अपने इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है और अलग-अलग कीमत वाले सेगमेंट में EV मॉडल उपलब्ध करा रही है।
