नईदिल्ली।बालासोर रविवार को बालासोर ट्रिपल ट्रेन टक्कर स्थल पर बहाली के काम की समीक्षा करने वाले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 288 यात्रियों की जान लेने वाली दुर्घटना इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव के कारण हुई। बालासोर ट्रेन दुर्घटना जिसमें दो यात्री ट्रेनें और एक मालगाड़ी शामिल थी, अब तक 288 लोगों की जान गई है जबकि 1,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। अश्विनी वैष्णव ने बात करते हुए कहा कि रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने मामले की जांच की है और घटना के कारणों और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की है.
वैष्णव ने बताया, “रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने मामले की जांच की है और जांच रिपोर्ट आने दें, लेकिन हमने घटना के कारण और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की है… यह इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव के कारण हुआ।” रेल मंत्री ने आगे कहा कि अभी फोकस बहाली पर है और बुधवार सुबह तक काम खत्म करने का लक्ष्य है। वैष्णव ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल साइट का निरीक्षण किया। हम आज ट्रैक को बहाल करने की कोशिश करेंगे। सभी शवों को हटा दिया गया है। वहीं ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने रविवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की।
पीएम मोदी शनिवार को ही बालासोर आए थे और हादसे के बारे में जानकारी ली थी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव रविवार सुबह फिर घटनास्थल पर पहुंचे। यहां चल रहे कार्यों का जायजा लिया, जरूरी निर्देष दिए। मीडिया से बात करते हुए बताया कि रेल हादसे के कारणों का पता लगाया चुका है। कमिश्नर की रिपोर्ट का इंतजार है। उन्होंने कहा, पीएम मोदी के निर्देश पर काम किया जा रहा है।हमारा लक्ष्य बुधवार सुबह तक ट्रैक चालू करना है ताकि इस ट्रैक पर ट्रेनें दौडऩा शुरू हो सकें। बालासोर हादसे के कारण रविवार को भी इस रूट की 58 ट्रेनें रद्द रहीं।
रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि जब तक पटरियों की मरम्मत का काम नहीं हो जाता, तब तक ये ट्रेनें रद्द ही रहेंगी। कोशिश है कि एक लाइन पर आवाजाही बहाल कर दी जाए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पहले कोरोमंडल एक्सप्रेस को मेन लाइन का सिग्नल दिया गया था, लेकिन इसे वापस ले लिया गया। इससे ट्रेन लूप लाइन में चली गई और वहां पहले से खड़ी एक मालगाड़ी से टकरा गई। मामले में उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
एएनआई ने अपने ड्रोन कैमरे से ट्रेन दुर्घटना स्थल पर चल रहे कार्य का जायजा लिया है। रेल मंत्रालय के मुताबिक, 1000 से अधिक मजदूर काम रहे हैं। 7 से अधिक पोकलेन मशीन, 2 दुर्घटना राहत ट्रेन, 3-4 रेलवे और रोड क्रेन तैनात हैं। वहीं घटनास्थल पर मलबे को हटाने और पटरियों के मरम्मत का काम युद्धस्तर पर जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ट्रेनों की आवाजाही सामान्य हो जाएगी। इस बीच, हादसे पर राजनीति भी जारी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का इस्तीफा मांगा जा रहा है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार शाम बालासोर पहुंचे और घायलों से मुलाकात की।