नई दिल्ली:- बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का आज (8 अक्टूबर) को 75 साल की उम्र में निधन हो गया। वे गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर पर बेहोश पाए गए और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। नाना को उनकी शानदार एक्टिंग और बेबाक अंदाज के लिए जाना जाता है, जो उनकी फिल्मों के किरदारों में भी नजर आता है। आइए आपको नाना पाटेकर के करियर की आठ ऐसी फिल्मों के बारे में बताते हैं जिन्होंने न सिर्फ दर्शकों बल्कि क्रिटिक्स ने भी भर-भरकर प्यार दिया।
- अंकुश (1986) रविंद्र केलकर ‘रवि’
अंकुश में नाना पाटेकर ने रविंद्र केलकर यानी रवि का किरदार निभाया। रवि एक आम, निम्न-मध्यमवर्गीय युवक है, जो बेरोजगारी, सामाजिक असमानता और व्यवस्था की परेशानियों से जूझता है। उसके भीतर गुस्सा भी है और बेहतर जिंदगी की इच्छा भी। नाना ने रवि को किसी पारंपरिक हीरो की तरह नहीं, बल्कि आम आदमी के संघर्ष और आक्रोश के प्रतिनिधि के रूप में पेश किया। अंकुश ही वह फिल्म थी जिसने उन्हें असली पहचान दिलाई थी। इसका फिल्म का एक गाना इतनी शक्ति हमें देना दाता आज भी देश के कई स्कूलों में प्रार्थन के तौर पर गया जाता है। - क्रांतिवीर (1994) प्रताप नारायण तिलक
नाना पाटेकर को कर्मशियल फिल्मों मे पहचान दिलाने का श्रेय 1994 में आई निर्देशक मेहुल कुमार की फिल्म क्रांतिवीर को जाता है। इस फिल्म में नाना पटेकार ने प्रताप नारायण तिलक का किरदार निभाया था। प्रताप एक गुस्सैल, बेबाक और व्यवस्था से नाराज युवक है, जो शुरुआत में गैर-जिम्मेदार और आवारा नजर आता है। लेकिन परिस्थितियां उसे समाज और देश के लिए खड़े होने की राह पर ले जाती हैं। नाना ने किरदार के गुस्से, दर्द और देशभक्ति को बेहद प्रभावशाली अंदाज में निभाया। इस फिल्म नाना पाटेकर के किरदार द्वारा बोले कई डायलॉग आज भी शोल मीडिया पर फेसम हैं। इस फिल्म के लिए नाना को दूसरी बार राष्ट्रीय से नवाजा गया था। - तिरंगा (1993) इंस्पेक्टर शिवाजी राव वागले
तिरंगा में नाना पाटेकर ने इंस्पेक्टर शिवाजी राव वागले की भूमिका निभाई। उनका किरदार एक बेहद निडर, आक्रामक और देश के प्रति समर्पित पुलिस अधिकारी का है। वह अपराधियों और देशविरोधी ताकतों के खिलाफ किसी भी हद तक जाने को तैयार रहता है। फिल्म में नाना का अंदाज संवादों, तेवर और देशभक्ति से भरा हुआ है। नाना ने वागले के किरदार में पुलिस अधिकारी की सख्ती के साथ-साथ एक ऐसे व्यक्ति की संवेदनशीलता भी दिखाई, जिसके लिए देश और कर्तव्य सर्वोपरि हैं। - परिंदा (1989) अन्ना सेठ
परिंदा में नाना पाटेकर ने अन्ना सेठ का किरदार निभाया, जो मुंबई अंडरवर्ल्ड का बेहद खतरनाक और निर्मम डॉन है। अन्ना शांत दिखाई देता है, लेकिन उसके भीतर हिंसा और क्रूरता भरी हुई है। नाना ने इस किरदार को जरूरत से ज्यादा नाटकीय बनाने के बजाय अपनी आवाज, आंखों और चेहरे के भावों से भय पैदा किया। उनकी अदाकारी इतनी प्रभावशाली रही कि यह भूमिका उनके करियर की सबसे यादगार विलेन भूमिकाओं में शामिल हो गई। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार मिला। - प्रहार: द फाइनल अटैक (1991) मेजर प्रताप चौहान
प्रहार: द फाइनल अटैक में नाना पाटेकर ने मेजर प्रताप चौहान की भूमिका निभाई। प्रताप एक बेहद अनुशासित, कठोर और देश के प्रति समर्पित सेना अधिकारी है। वह अपने जवानों को केवल आदेश मानने वाला सैनिक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और साहस का प्रतीक बनाना चाहता है। परिस्थितियां उसे आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ लड़ाई में उतारती हैं। नाना ने किरदार में सैनिक की सख्ती के साथ उसकी संवेदनशीलता और देशभक्ति को भी उभारा। फिल्म का निर्देशन भी नाना पाटेकर ने किया था। - अग्निसाक्षी (1996) सूरज कपूर
अग्निसाक्षी में नाना पाटेकर ने सूरज कपूर की भूमिका निभाई। सूरज एक जुनूनी, खतरनाक और बेहद अस्थिर व्यक्ति है, जो मनीषा कोइराला के किरदार शिवानी के अतीत से जुड़ा हुआ है और उसके प्रति अपने जुनून को प्यार समझता है। वह शिवानी की जिंदगी में दोबारा प्रवेश करके उसके वर्तमान को तबाह करने की कोशिश करता है। नाना ने सूरज के किरदार में प्यार, जुनून, पोजेसिव और मानसिक अस्थिरता को डरावने अंदाज में प्रस्तुत किया। उनकी आवाज, आंखों के भाव और संवाद अदायगी ने इस नकारात्मक किरदार को बेहद प्रभावशाली बनाया। - वेलकम (2007) उदय शेट्टी
वेलकम में नाना पाटेकर ने उदय शेट्टी का किरदार निभाया, जो मुंबई का प्रभावशाली डॉन है और अपराध की दुनिया से जुड़ा होने के बावजूद फिल्म अभिनेता बनने का सपना देखता है। यही विरोधाभास किरदार को हास्यपूर्ण बनाता है। उदय अपनी बहन संजना की शादी अच्छे परिवार में कराना चाहता है और इसी कोशिश में लगातार अजीब परिस्थितियों में फंसता जाता है। आज भी इस फिल्म के कई सीन को लोग सोशल मीडिया पर मीम के तौर पर शेयर करते रहते हैं।
