उत्तर प्रदेश :– बुधवार शाम आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने कई जिलों में भारी तबाही मचा दी। मिर्जापुर, भदोही, प्रयागराज, कौशांबी, कानपुर देहात समेत कई इलाकों में तेज हवाओं के चलते पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जबकि कई कच्चे मकान भी ढह गए। अलग-अलग हादसों में अब तक 89 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। प्राकृतिक आपदा के कारण सबसे ज्यादा नुकसान प्रयागराज जिले में हुआ, जहां 17 लोगों की जान चली गई। वहीं मिर्जापुर में 10 और भदोही में 15 लोगों की मौत दर्ज की गई है। कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और दीवार ढहने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
भदोही में सबसे ज्यादा तबाही
भदोही जिले में शाम करीब 5:30 बजे मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं और तूफान के कारण कई इलाकों में पेड़ और बिजली के पोल गिर गए। हादसों में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल बताए जा रहे हैं। सुरियावां थाना क्षेत्र के खरगसेनपट्टी गांव में एक मकान पर पेड़ गिरने से महिला और उसकी दो बेटियों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं औराई थाना क्षेत्र में भी पेड़ गिरने से कई लोग उसकी चपेट में आ गए। जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने 15 मौतों की पुष्टि करते हुए बताया कि घायलों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी है। गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को बीएचयू वाराणसी रेफर किया गया है।
मिर्जापुर और प्रयागराज में भी बड़ा नुकसान
मिर्जापुर जिले में तेज तूफान के कारण 10 लोगों की मौत हुई है। प्रशासन के मुताबिक सात मौतें मिर्जापुर सदर तहसील में हुईं, जबकि चुनार तहसील में तीन लोगों की जान गई। प्रयागराज में सबसे ज्यादा 17 मौतें दर्ज की गई हैं। इसके अलावा फतेहपुर में 9, प्रतापगढ़ में 4, देवरिया और हरदोई में 2-2 तथा कानपुर देहात और कौशांबी में 1-1 व्यक्ति की मौत हुई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए राहत के निर्देश
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को राहत कार्य तेज करने और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा है कि नुकसान का आकलन कर 24 घंटे के भीतर मुआवजा प्रक्रिया पूरी की जाए। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
कई जिलों में बिजली और यातायात प्रभावित
तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर बिजली के खंभे और पेड़ सड़क पर गिर गए, जिससे यातायात बाधित हो गया। कई जिलों में बिजली आपूर्ति भी घंटों तक प्रभावित रही। प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
