मध्यप्रदेश:– आगामी जनगणना की तैयारियां आखिरी चरण में पहुंच गई हैं. राज्य सरकार ने गृह विभाग को स्टेट नोडल एजेंसी नियुक्त किया है, जो जनगणना की इस पूरी प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी करेगा. गृह विभाग द्वारा जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, जनगणना का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और कर्मचारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं. इस बार की जनगणना में मकान की बनावट से लेकर डिजिटल सुविधाओं तक कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे. इसके साथ ही कुछ नए नियम भी हैं.
जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह सटीक बनाने के लिए सरकार ने कड़े नियम बनाए हैं. नई गाइडलाइन के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति जनगणना अधिकारी को जानबूझकर गलत जानकारी देता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. दोषी पाए जाने पर व्यक्ति को 3 साल तक की जेल की सजा हो सकती है. इसके साथ ही जु्र्माने का भी प्रावधान रखा गया है ताकि डेटा में गड़बड़ी न हो.
गाइडलाइन में निजता और परंपराओं का भी ध्यान रखा गया है. नियमों के अनुसार, अगर परिवार का कोई सदस्य घर की किसी महिला का नाम बताने से मना करता है, तो जनगणनाकर्मी इसके लिए जबरदस्ती नहीं कर सकेंगे. हालांकि, गृह विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए अन्य सामान्य सवालों के जबाव देना हर नागरिक की जिम्मेदारी. इससे कोई इनकार नहीं कर सकता.
इस बार की जनगणना विस्तृत होने वाली है. जमगणनाकर्मी आपके घर आकर 33 सवाल पूछेंगे. इनमें भवन नंबर या जनगणना नंबर, मकान नंबर, मकान के फर्श में इस्तेमाल प्रमुख सामग्री (जैसे-सीमेंट, ग्रेनाइट, मार्बल), मकान की दीवार में इस्तेमाल सामग्री, मकान की छत में इस्तेमाल सामग्री, मकान का उपयोग, मकान की स्थिति, परिवार क्रमांक, परिवार के सदस्यों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, परिवार के मुखिया का लिंग, जाति (सामान्य, अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी), मकान के स्वामित्व की स्थिति, मकान में कमरों की संख्या, विवाहित दंपतियों की संख्या, पेयजल का स्रोत, पेयजल की उपलब्धता, बिजली का स्रोत, शौचालय की उपलब्धता, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था, स्नानघर की उपलब्धता, गैस कनेक्शन, खाना पकाने का मुख्य ईंधन, रेडियो या ट्रांजिस्टर की उपलब्धता, टीवी, इंटरनेट की सुविधा, लैपटॉप या कंप्यूटर, टेलीफोन/मोबाइल/स्मार्टफोन, साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल, कार/जीप/दैन, मुख्य अनाज, मोबाइल नंबर जैसे सवाल शामिल होंगे
जनगणना में बुनियादी जानकारी के अलावा आधुनिक जीवनशैली को समझने के लिए इस बार डिजिटल संसाधनों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. लोगों से पूछा जाएगा कि उनके पास रेडियो, टीवी, लैपटॉप या कम्प्यूटर है या नहीं. इसके साथ ही अन्य आधुनिक चीजों की जानकारी जुटाई जाएगी.
गृह विभाग की ओर से जारी नोटिफिकेशन में यह साफ कर दिया गया है कि कोई भी व्यक्ति जनगणना अधिकारियों को अपने घर या परिसर में प्रवेश करने से नहीं रोक सकता. बशर्ते वह स्थान धार्मिक या पारंपरिक रूप से प्रतिबंधित न हो. अधिकारियों को यह अधिकार दिया गया है कि वे जरूरी आंकड़े दर्ज करने के लिए दस्तावेजों की जांच कर सकें और संबंधित रिकॉर्ड्स का निरीक्षण कर सकें. जनगणना में बाधा डालना अपराध माना जाएगा.
इस काम को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने कई विभागों की टीम बनाई है. इसमें राजस्व, पुलिस, नगर निगम, पंचायत और शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गया है. इन सभी नियुक्त अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में डाटा इकट्ठा करने और सत्यापन करने के अधिकार दिए गए हैं, ताकि जनगणना का काम समय से पूरा हो सके.
