रायपुर:-* आंध्र प्रदेश में बीते कुछ समय गधे के मांस की जबरदस्त बिक्री देखने को मिल रही है प्रदेश के लोगों को मानना है कि गधे के मांस का सेवन करने से स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या दूर होती है या मामला इतना बढ़ गया कि जालसाज लोग गधे के मांस का अवैध कारोबार कर रहे हैं
संबंधित अधिकारियों की ओर से प्राप्त जानकारी के मुताबिक आंध्र प्रदेश में गधों की संख्या बीते कुछ साल से लगातार कम हो रही है इसके पीछे की सीधी बजा है कि गधों को काफी अधिक संख्या में मारा जा रहा है दरअसल लोगों के मन में धारण बन गई है कि गधे की मीट खाने से सेक्सुअल पावर बढ़ती है इसके कारण बाजार में गधे की मीट की डिमांड बढ़ गई है और ₹600 प्रति किलो के हिसाब से मार्केट में गधे का बास बिक रहा है अबे गधे पेमेंट का अवैध तरीके से व्यापार किया जा रहा है ऐसे मामला सोमवार के दिन काला जिले के पुलिस के संज्ञान में आया है पुलिस की बड़ी कार्रवाई करते हुए 400 किलोग्राम से अधिक गधे की मांस जप्त किया है साथ ही पुलिस को मारे मारे गए गधों के सिर पर और पूछ सहित शरीर के अलग-अलग हिस्से मिले इसके बाद पुलिस ने कुर्ता की रोकथाम अधिनियम 1960 के तहत 7 लोगों को गिरफ्तार भी किया है
रिपोर्ट की मानें तो प्रकाशम त्यौहार के आसपास आंध्र प्रदेश राज्य के कृष्ण पक्ष पश्चिम गोदावरी और गुंटूर जिलों में गधे को मेट को खाया जाता है इसके पीछे तर्क दिया जाता है कि इससे कमर दर्द अस्थमा और यौन संबंधी बीमारी ठीक होती है