नई दिल्ली:– श्री बद्रीनाथ धाम मंदिर में 2 जुलाई को नगद चढ़ावा गिनती के दौरान हेराफेरी का मामला सामने आया है। इस मामले की जांच के लिए गठित चार सदस्यीय टीम ने अपना काम पूरी तरह से खत्म कर लिया है। टीम ने अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट मंदिर के सीईओ को आधिकारिक रूप से सौंप दी है। इस 18 पन्नों की रिपोर्ट में पूरी घटना का ब्योरा बहुत ही विस्तार से और बारीकी से दिया गया है।
जांच रिपोर्ट में यह बड़ा दावा किया गया है कि आरोपी ने कई बार चढ़ावे की चोरी की है। मंदिर समिति ने 7 जुलाई को अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की है। अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। समिति ने निष्पक्ष जांच के लिए पहले ही एक विशेष टीम का गठन कर दिया था
सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा
सूत्रों के अनुसार जांच टीम को 2 जुलाई से मात्र 14 दिन पहले तक के ही सीसीटीवी फुटेज मिल पाए हैं। पुराने कैमरे की क्वालिटी अच्छी न होने से इसकी स्टोरेज क्षमता मात्र 15 दिनों की ही है। 2 जुलाई के फुटेज में कथित आरोपी पैसों में हेराफेरी करते हुए बहुत साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। 14 दिन पूर्व के कुछ फुटेज के कई भाग भी जांच टीम को अपनी तहकीकात के लिए काफी महत्वपूर्ण लगे हैं।
सुरक्षा बढ़ाने के अहम सुझाव
एसआईटी की इस रिपोर्ट में भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कई अहम सुझाव दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट में कमेटी ने चोरी के तरीकों और सुरक्षा खामियों को पूरी तरह से साफ कर दिया है। टीम ने दान गिनती कक्ष में और ज्यादा सीसीटीवी कैमरे तुरंत लगाने की सख्त बात कही है। इसके साथ ही मंदिर के परिक्रमा पथ के सभी ब्लाइंड स्पॉट को सीसीटीवी से लैस करने को कहा गया है।
कारण बताओ नोटिस और निलंबन
प्रमोद नौटियाल के खिलाफ अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। इन गंभीर आरोपों के बाद 3 जुलाई 2026 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। जांच के दौरान प्राप्त स्पष्टीकरण और समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट का बहुत ही बारीकी से परीक्षण किया गया था। इस परीक्षण में प्रमोद नौटियाल पर लगाए गए सभी आरोप प्रथम दृष्टया पूरी तरह से सही पाए गए।
