मध्यप्रदेश:– प्रदेश के उत्तर और उत्तर पूर्वी इलाकों से गुजर रही द्रोणी के कारण गुरुवार को मौसम का मिजाज बदला रहा। ग्वालियर, चंबल व रीवा संभाग के अलावा बुंदेलखंड के कुछ जिलों में तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि हुई। जिससे पूर्वी मध्य प्रदेश में अधिकतम तापमान 9.9 डिग्री तक गिर गया। पूर्वी इलाकों में अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री से लेकर 40.5 डिग्री और पश्चिमी मप्र में यह 39.6 से 42.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
शुक्रवार को 15 से अधिक जिलों में झंझावत, वज्रपात और झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र ने येलो अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों के दौरान मौसम में कोई विशेष परिवर्तन नहीं है। दो दिन बाद तापमान में दो डिग्री की गिरावट की संभावना जताई गई है। टीकमगढ़ और उमरिया में गिरे ओले, कई पेड़ गिरेटीकमगढ़ और उसके ग्रामीण क्षेत्रों में आंधी के साथ जोरदार बारिश हुई और ओले भी गिरे। तेज हवाओं के चलते कई पेड़ धराशायी हो गए, जिससे बिजली सप्लाई ठप हो गई।
उमरिया में करीब आधे घंटे तेज बारिश के साथ ओले गिरे। सागर और रायसेन में भी बादलों की मौजूदगी और बूंदाबांदी ने मौसम का रुख बदल दिया। गुना में तेज हवाओं ने तबाही मचाई। रीवा सतना, खजुराहो और टीकमगढ़ में भी वर्षा हुई है। भिंड के गोहद क्षेत्र में तेज वर्षा के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे उपार्जन केंद्रों के बाहर रखी उपज भीग गई। मुरैना में भी शाम चार बजे तेज वर्षा के साथ ओले गिरे।
मंडी में रखा हजारों क्विंटल गेहूं भीगा
गुरुवार को विदिशा, बाड़ी और रायसेन सहित कई इलाकों में हुई बारिश ने सरकारी इंतजामों की पोल खोल दी, जिससे खरीदी केंद्रों और मंडियों में रखा हजारों क्विंटल गेहूं भीग गया। विदिशा मंडी में हजारों क्विंटल अनाज भीग गया। वहीं बाड़ी में भी खरीदी केंद्रों पर बाहर रखा गेहूं भीग गया।
आज यहां चलेंगी तेज हवाएं
प्रदेश के ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, सिवनी, मंडला, बालाघाट, टीकमगढ़ निवाड़ी आदि जिलों में झंझावत और वज्रपात, झोंकेदार हवाएं (30 से 50 किलोमीटर) चलने का अनुमान है।
