नई दिल्ली: – भारत की नई पीढ़ी यानी Gen Z आस्था और भक्ति को अपने अंदाज में जी रही है। अब धर्म केवल मंदिरों, पूजा-पाठ या पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवाओं ने इसे आधुनिक लाइफस्टाइल का हिस्सा बना दिया है। देशभर में ‘भजन क्लबिंग’ और ‘श्राइनकेशन’ जैसे नए ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
भजन क्लबिंग में भजनों को कॉन्सर्ट और लाइव म्यूजिक इवेंट की तरह पेश किया जा रहा है, जहां युवा टिकट लेकर दोस्तों के साथ पहुंचते हैं, गाते हैं, झूमते हैं और आध्यात्मिक माहौल का आनंद लेते हैं। दिल्ली-एनसीआर समेत कई बड़े शहरों में ऐसे इवेंट्स की डिमांड लगातार बढ़ रही है। दूसरी ओर श्राइनकेशन यानी धार्मिक स्थलों को वेकेशन के साथ जोड़ने का चलन भी तेजी पकड़ रहा है।
अब युवा केदारनाथ, वैष्णो देवी, अयोध्या, खाटू श्याम, वाराणसी और कैंची धाम जैसे स्थानों पर केवल दर्शन के लिए नहीं, बल्कि शांति, यात्रा अनुभव और सोशल मीडिया पर साझा करने लायक यादें बनाने के लिए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज भागदौड़, तनाव, अकेलापन और पहचान की तलाश के दौर में धर्म युवाओं के लिए मानसिक सहारा बन रहा है।
सोशल मीडिया ने भी इसमें बड़ी भूमिका निभाई है, जहां मंदिरों के वीडियो, एस्थेटिक तस्वीरें और भक्ति से जुड़ा कंटेंट तेजी से वायरल हो रहा है। यही वजह है कि नई पीढ़ी धर्म को पुराने ढांचे से निकालकर आधुनिकता के साथ जोड़ रही है। यह ट्रेंड दिखाता है कि भारत का युवा अपनी जड़ों से जुड़ना चाहता है, लेकिन अपने तरीके और अपनी शर्तों पर।
