नई दिल्ली:- महिलाओं को किसी कारणवश बच्चेदानी को हटाना पड़ता है। बच्चेदानी यानी गर्भाशय हटाने के बाद महिलाओं को कई तरह की शारीरिक और मानसिक परेशानियों से जूझना पड़ सकता है। इस स्थिति के बाद पीरियड्स आना पूरी तरह से बंद हो जाता है, जो कई तरह की शारीरिक समस्याओं का भी कारण बन सकता है। इसके अलावा बच्चेदानी हटाने के बाद पेट में सूजन, ऐंठन जैसी स्थिति भी देखी जा सकती है। आइए विस्तार से जानते हैं बच्चेदानी हटाने से महिलाओं को कौन-कौन सी परेशानियां हो सकती हैं?
बच्चेदानी हटाने से हो सकते हैं ये नुकसान
ब्लीडिंग
अगर आप बच्चेदानी को हटाते हैं, तो आपको कुछ सप्ताह तक ब्लीडिंग की परेशानी हो सकती है। बच्चेदानी की सर्जरी के बाद इस तरह की परेशानी होना काफी सामान्य बात है। इसके अलावा सर्जरी के बाद महिलाओं को काफी दर्द का भी सामना करना पड़ता है। साथ ही योनि के आसपास सूजन, लालिमा और चोट जैसा भी महसूस होता है
कंसीव न करना
बच्चेदानी हटाने से पहले इस बात को समझ लें कि इसके बिना आप बच्चा कंसीव नहीं कर पाएंगी। अगर आप बच्चेदानी हटाने के बाद कंसीव करने के बारे में सोच रहे हैं, तो इस धारणा को अपने मन से पूरी तरह से निकाल लें। बच्चेदानी यानी गर्भाशय हटाने के बाद महिलाएं कंसीव नहीं कर सकती हैं।
पीरियड्स हो जाता है बंद
बच्चेदानी हटाने के बाद महिलाओं का पीरियड्स पूरी तरह से बंद हो जाता है। इसलिए शरीर में सूजन, मोटापा बढ़ने जैसी परेशानी हो सकती है। साथ ही कमर दर्द, योनि में दर्द जैसी समस्याएं होना भी काफी आम है। इसके अलावा कुछ महिलाओं को बच्चेदानी हटाने के बाद योनि में ड्राईनेस जैसा महसूस होता है।
सेक्स के दौरान होता है दर्द
बच्चेदानी हटाने के बाद शारीरिक संबंध बनाने के दौरान महिलाओं को योनि में दर्द हो सकता है। साथ ही सेक्स ड्राइव की उत्तेजना कम हो जाती है।
