मध्य प्रदेश :– मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 15 मई को Ujjain प्रवास के दौरान Simhastha-2028 की तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने शहर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों, विशेषकर सड़क चौड़ीकरण और रामघाट पर किए गए निर्माण कार्यों का सूक्ष्म निरीक्षण किया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर एक सुव्यवस्थित कार्ययोजना पर काम कर रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों का खाका इस तरह तैयार किया गया है कि इसका लाभ स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को भी मिले। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचा खड़ा करना नहीं, बल्कि उसे टिकाऊ और दूरगामी बनाना है। सरकार हर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति पर बारीकी से नजर रख रही है।”
जल संरक्षण में मध्य प्रदेश का दबदबा
मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश की बड़ी उपलब्धि साझा की। उन्होंने बताया कि जल शक्ति मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जल संरक्षण के मामले में मध्य प्रदेश पूरे देश में नंबर-1 स्थान पर है। इस अभियान को और गति देने के लिए डॉ. यादव ने घोषणा की
30 जून को सामूहिक श्रमदान
आगामी 30 जून तक क्षिप्रा-गंगा दशहरे के पावन अवसर पर पूरे प्रदेश में जल स्रोतों (नदी, तालाब, कुएं, बावड़ी) की सफाई और संरक्षण के लिए जनभागीदारी से श्रमदान किया जाएगा।
परंपरा का सम्मान
उन्होंने कहा कि शिप्रा परिक्रमा और गंगा दशहरा मनाने की गौरवशाली परंपरा जल संरक्षण के संकल्प का ही हिस्सा है, जिसे इस वर्ष और भी भव्यता के साथ मनाया जाएगा।
ऐतिहासिक और पौराणिक नगरी का विकास
उज्जैन के विधायक होने के नाते मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की टीम भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि उज्जैन एक ऐतिहासिक और पौराणिक नगरी है, और इसकी गरिमा के अनुरूप ही यहाँ विकास कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए सरकार जल संरचनाओं के पुनरुद्धार पर विशेष ध्यान दे रही है।मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि आगामी सिंहस्थ तक उज्जैन एक नए और सुविधायुक्त स्वरूप में दुनिया के सामने होगा।
