नई दिल्ली:- दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में लगातार आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे देश में चिंता और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, पहले भूकंप की तीव्रता 7.2 और दूसरे की 7.5 मापी गई। दोनों झटकों के बाद कई इलाकों में इमारतों को नुकसान पहुंचने और लोगों के घरों से बाहर निकलने की खबरें सामने आई हैं।
राजधानी कराकास सहित कई शहरों में महसूस हुए तेज झटके
भूकंप के झटके राजधानी काराकास समेत देश के कई हिस्सों में महसूस किए गए। लोगों ने सुरक्षा के लिए घरों, कार्यालयों और व्यावसायिक इमारतों को खाली कर दिया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार कुछ क्षेत्रों में भवनों को नुकसान पहुंचा है, हालांकि आधिकारिक तौर पर बड़े पैमाने पर हताहतों की पुष्टि नहीं हुई है।
मोरोन के पास था भूकंप का केंद्र
USGS के अनुसार पहला भूकंप कैरेबियाई तट पर स्थित मोरोन क्षेत्र के पश्चिम में आया। इसकी गहराई लगभग 22 किलोमीटर दर्ज की गई। इसके तुरंत बाद दूसरा और अधिक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 7.5 और गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि कम गहराई वाले भूकंप सतह पर अधिक प्रभाव डालते हैं, जिससे नुकसान का खतरा बढ़ जाता है।
10 हजार से अधिक मौतों की आशंका
USGS की प्रारंभिक आकलन रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि प्रभावित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर संरचनात्मक नुकसान हुआ है, तो मृतकों की संख्या 10 हजार से अधिक हो सकती है। हालांकि यह केवल संभावित अनुमान है और वास्तविक स्थिति राहत एवं बचाव कार्यों के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
ब्राजील तक महसूस हुआ असर
भूकंप का प्रभाव वेनेजुएला की सीमाओं से बाहर भी महसूस किया गया। रिपोर्टों के अनुसार लगभग 1,700 किलोमीटर दूर ब्राजील के कुछ हिस्सों में भी कंपन दर्ज किया गया, जिसके बाद कई इमारतों को एहतियातन खाली कराया गया।
सरकार पर उठे सवाल
भूकंप के कई घंटे बाद तक सरकार की ओर से किसी बड़े नुकसान या हताहत की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं किए जाने पर विपक्षी नेताओं और स्थानीय नागरिकों ने नाराजगी जताई। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज की प्रतिक्रिया में हुई देरी को लेकर सोशल मीडिया पर भी आलोचना देखने को मिली।
राहत और बचाव अभियान जारी
आपदा प्रबंधन एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों का आकलन कर रही हैं। बचाव दलों को संभावित रूप से प्रभावित इलाकों में भेजा गया है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। आने वाले घंटों में नुकसान और हताहतों के संबंध में अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
