मच्छर कई वायरल बीमारियों का कारक बनते है। मानसून आते आते डेंगू के मच्छर पनपने लगते हैं। इस मौसम में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बैक्टीरियल और वायरल संक्रमण के साथ ही मच्छर जनित कई रोगों की शिकायत बढ़ जाती है। डेंगू के कारण हर साल अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। डेंगू एक जानलेवा बीमारी है, जिसके शुरुआती लक्षण की पहचान न होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
डेंगू किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है, लेकिन बच्चों में इसका असर तेजी से देखा जाता है। डेंगू में प्लेटलेट्स लगातार कम होने लगते हैं।हर साल डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी और इस बीमारी की गंभीरता को देखते हुए सरकार डेंगू के खिलाफ लोगों को जागरूक करती है। डेंगू से बचाव के उपाय, लक्षणों की पहचान कर सही इलाज के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है। आइए जानते हैं राष्ट्रीय डेंगू दिवस के बारे में। : डेंगू के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सरकारी स्तर पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। साथ ही राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है।
हर साल राष्ट्रीय डेंगू दिवस 16 मई को मनाते हैं। इस दिन को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से मनाया जाता है।डेंगू का संक्रमण मुख्य रूप से एडीज एजिप्टी प्रजाति के मादा मच्छरों के काटने से फैलता है।डेंगू के लक्षण आमतौर पर 2-7 दिन तक रहते हैं।इस बीमारी में बुखार के कारण प्लेटलेट्स तेजी से गिरने लगते है।डेंगू से संक्रमित मरीज जितना संभव हो उतना आराम करें और खूब पानी पीएं।राष्ट्रीय डेंगू दिवस 2023 की थीम हर साल डेंगू दिवस की एक खास थीम होती है।
इस वर्ष राष्ट्रीय डेंगू दिवस 2023 की थीम ‘डेंगू को हराने के लिए साझेदारी का उपयोग करें’ तय की गई है।डेंगू से बचावडेंगू के संक्रमण से बचाव के लिए आसपास मच्छरों को पनपने न दें।जमा पानी में डेंगू के लार्वा पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है, ऐसे में घर के आसपास पानी जमा न रहने दें।साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।