नई दिल्ली:– गुरु पूर्णिमा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व होता हैं क्योंकि सनातन धर्म में गुरु का खास महत्व होता है। इस वर्ष गुरु पूर्णिमा का पर्व 29 जुलाई 2026 को है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरू पूर्णिमा के दिन ही गुरु वेद व्यास का जन्म हुआ था और इन्हे ही पहला गुरु माना जाता है।
धर्म ग्रथों में देवगुरु बृहस्पति देवताओं के गुरु है और और गुरु पूर्णिमा के दिन इनकी पूजा, आराधना और जाप करने से ज्ञान में वृद्धि और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। अगर किसी जातक की कुंडली में गुरु कमजोर है तो इस दिन गुरु से संबंधित कुछ उपाय करने से परेशानियों से मुक्ति मिल सकती है।
गुरु पूर्णिमा के दिन कौन-कौन से उपाय करना शुभ?
भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की करें पूजा
धार्मिक एवं लोक मान्यताओं के अनुसार, गुरु पूर्णिमा के दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा करने का विशेष विधान होता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा में उनको पीला फूल और पीली मिठाई का भोग जरूर लगाएं और घी का दीपक जलाएं।
वहीं, देवगुरु की पूजा भी करें जिससे ज्ञान और शांति की प्राप्ति होती है। गुरु पूर्णिमा पर भगवान विष्णु की पूजा करने से कृपा बनी रहती है और नौकरी-प्रमोशन के योग भी बनते हैं।
सत्यनारायण की कथा पाठ
गुरु पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण की कथा भी घर में करवाना चाहिए। इससे भगवान विष्णु की विशेष कृपा और आशीर्वाद मिलता है। करियर में सफलता और आर्थिक लाभ के अच्छे योग बनते हैं। गुरु पूर्णिमा के दिन कथा सुनने से मन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
चंद्रमा को अर्घ्य
गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने का भी विशेष महत्व होता है। दरअसल गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्रमा 16 कलाओं में युक्ति होता है। ऐसे में मानसिक शांति और आर्थिक स्थिति में मजबूती के लिए गुरू पूर्णिमा के दिन जल में कच्चा दूध मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें।
मंत्रों का जाप
गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु मंत्रों का जाप करना बहुत ही शुभ होता है। इस दिन ऊं ब्रिं बृहस्पतए नम: का जाप करें। इससे मन शांत और कार्यो को करने में एकाग्रता बढ़ती है। साथ ही सुख-सुविधा और समृद्धि के योग बनते हैं।
