नई दिल्ली:- इन दिनों पूरी दुनिया में वैलेंटाइन वीक मनाया जा रहा है. इसे प्यार का हफ्ता भी कहा जा सकता है. वैसे प्राचीन भारत की बात करें तो प्रेम को जाहिर करने के लिए मदनोत्सव जैसा उत्सव मनाया जाता था. उस जमाने में हमारे पास वास्तव में एक असली लव गुरु भी थे, जिन्हें ये महसूस हुआ कि प्यार, मधुर रिश्तों और प्यार के बाद संबंधों को लेकर एक ग्रंथ की रचना करनी चाहिए. ये लव गुरु कोई और नहीं बल्कि महर्षि वात्साययन थे, जिन्होंने प्यार को जाहिर करने वाला एक महान ग्रंथ लिखा, जिसका नाम था कामसूत्र, जो अपने कंटेंट को लेकर दुनियाभर में सदाबहार हिट बन गया.
तो हम सभी जानते हैं कि दुनिया के सबसे अधिक बिकने वाली किताब कामसूत्र के लेखक महर्षि वात्स्यायन हैं. उन्होंने कामसूत्र जैसी ऐसी पुस्तक की रचना की जो प्यार, मधुर संबंधों के बारे में विस्तार से बताती है. कहा जाता है कि ये किताब प्यार के बारे में बहुत सी ऐसी जानकारियां देती है, जो आज भी सदियों बाद प्रासंगिक है. आज हम आपको उनके बारे में विस्तार से बताते हैं. बनारस में काफी वक्त गुज़ारने वाले वात्स्यायन ऋषि को बहुत ज्ञानी माना जाता है जिन्हें वेदों की भी बहुत अच्छी समझ थी.
महर्षि वात्स्यायन ने पहली बार वैज्ञानिक तौर पर बताया कि आकर्षण का विज्ञान आखिर क्या है. उनका मानना था कि जिस तरह हम जीवन से जुड़े तमाम पहलुओं की बात करते हैं, उसी तरह हमें सेक्स की भी उपेक्षा नहीं करनी चाहिए. वात्स्यायन धार्मिक शिक्षाओं से जुड़े हुए थे. महर्षि जी प्यार और सेक्स को लेकर तब किताब लिखी, जब इस पर ना तो कुछ लिखा गया और ना ही खुलकर इस पर ज्यादा चर्चा होती थी. तो महर्षि वात्सायन हमारे ऐसे लव गुरु हैं, जो जमाने से बहुत आगे थे.
कहा जाता है कि वात्स्यायन ने कामसूत्र को नगरवधुओं से बात करके लिखा. मशहूर लेखिका वेंडी डोनिगर ने अपनी किताब “रिडिमिंग द कामसूत्रा” में विस्तार से महर्षि वात्सयायन के बारे में भी बताया है. कामसूत्र की असल किताब जीवन जीने की कला यानि आर्ट ऑफ लिविंग की तरह देखना चाहिए. और इसे रूप में भी प्यार का जीवन में क्या महत्व है, हमें इसके संकेतों को कैसे जानना चाहिए, कैसे किसी के दिल में जगह बनानी चाहिए.
इतिहासकारों के मुताबिक वात्स्यायन को लगा कि प्यार और सेक्स जैसे जरूरी विषय पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए. इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती. उन्होंने अपने किताब के माध्यम से इस बात को सुनिश्चित करने की कोशिश की कि लोग इस संबंध में बेहतर जानकारी हासिल कर सकें. आज भी दुनियाभर के लोग इस किताब को रेफर करते हैं. हज़ारों साल बाद भी ये प्रासंगिक है.
वात्स्यायन महान दार्शनिक भी थे. उन्होंने न्याय सूत्र नामक किताब भी लिखी. ये किताब आमतौर पर आध्यात्मिक उदारवाद पर थी जो जन्म और जीवन पर आधारित है. ये मोक्ष की भी बात करती है. ये शानदार किताब है, जो ये बताती है कि वात्स्यायन कितनी विलक्षण बुद्धि के थे. हालांकि इस किताब पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई.
