नई दिल्ली:– क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि गर्मी के मौसम में आप ज्यादा सुस्त और थका हुआ महसूस करते हैं? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं। इस मौसम में शिकायत कई लोगों की शिकायत होती है कि सुबह उठने के बाद भी शरीर में भारीपन बना रहता है, काम में मन नहीं लगता, फोकस करने में परेशानी होती है और हर वक्त सोने का मन करता है।
हालांकि, बहुत से लोग इसे मौसम का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इसके पीछे हमारे शरीर से जुड़े कुछ कारण छिपे होते हैं। आइए इस बारे में डॉ. मोहित शर्मा (कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अमृता हॉस्पिटल) से जानते हैं कि क्यों गर्मी के मौसम में इतनी सुस्ती और थकान महसूस होती है।
शरीर का कूलिंग सिस्टम
जब बाहर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो हमारा शरीर अपने अंदर के सामान्य तापमान को बनाए रखने के लिए लगातार काम करता है। खुद को ठंडा रखने के लिए शरीर त्वचा के पास के ब्लड वेसल्स को फैला देता है और पसीना बहाने की प्रक्रिया को तेज कर देता है। शरीर को ठंडा करने की इस पूरी प्रक्रिया में बहुत ज्यादा एनर्जी खर्च होती है। यही वजह है कि गर्मी में सामान्य काम करने पर भी शरीर बहुत जल्दी थका हुआ महसूस करने लगता है।
डिहाइड्रेशन
शरीर को ठंडा रखने के लिए गर्मी के मौसम में काफी पसीना निकलता है। इसके कारण शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है। शरीर में पानी की कमी होने के कारण भी सुस्ती और थकान महसूस होती है। साथ ही, इसके कारण काम पर फोकस करने में भी दिक्कत होती है। अगर शरीर में पानी की ज्यादा कमी हो जाए, तो सिरदर्द, मांसपेशियों में ऐंठन और चक्कर आने जैसी समस्या भी हो सकती है।
अधूरी नींद और खानपान की गलत आदतें
गर्मी का असर केवल दिन के वक्त ही नहीं, बल्कि हमारी रातों पर भी पड़ता है। रात के समय उमस और गर्मी के कारण हमारा स्लीप साइकिल प्रभावित होता है। जब रात में नींद ठीक से पूरी नहीं होती, तो अगले पूरे दिन चिड़चिड़ापन, सुस्ती और थकान महसूस होती है।
इसके अलावा, इस मौसम में लोग खुद को तरोताजा रखने के लिए चाय, कॉफी, मीठे कोल्ड ड्रिंक्स या पैक्ड जूस का ज्यादा पीने लगते हैं। ये ड्रिंक्स शुरुआत में तो थोड़ी देर के लिए आपको फ्रेश महसूस कराते हैं, लेकिन बाद में ये शरीर में पानी की कमी और थकान को और ज्यादा बढ़ा देते हैं।
किन लोगों को है ज्यादा खतरा?
गर्मी की यह सुस्ती कुछ लोगों के लिए ज्यादा परेशानी खड़ी कर सकती है। इनमें बुजुर्ग, धूप में काम करने वाले मजदूर, बच्चे, डायबिटीज और दिल के मरीज शामिल हैं। इसके अलावा, जो लोग ब्लड प्रेशर या यूरिन बढ़ाने वाली दवाइयां ले रहे हैं, उन्हें भी खास सावधानी बरतनी चाहिए।
