मध्य प्रदेश:- कान्हा टाइगर रिजर्व में आज एक ऐतिहासिक पहल होने जा रही है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुपखार रेंज में असम के काजीरंगा से लाए गए 4 जंगली भैंसों का सॉफ्ट रिलीज करेंगे.
आज मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व के लिए एक बेहद खास दिन है. लगभग 45 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद यहां एक बार फिर जंगली भैंसों की दहाड़ सुनाई देगी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज एक विशेष दौरे पर बालाघाट जा रहे हैं, जिसके दौरान वे असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से लाए गए चार जंगली भैंसों को औपचारिक रूप से पार्क की सुपखार रेंज में छोड़ेंगे
45 सालों बाद जंगली भैंसों की वापसी
लगभग 45 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद कान्हा में जंगली भैंसों की वापसी हो रही है. इस पहल को जैव विविधता को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. यह परियोजना न केवल राज्य स्तर पर बल्कि पूरे देश में वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को मजबूती प्रदान करने के लिए तैयार है.
सीएम मोहन करेंगे रिलीज
कान्हा में जंगली भैंसे विलुप्त हो गए थे. पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित करने और जैव विविधता को बढ़ाने के लिए वन विभाग ने उन्हें फिर से बसाने का निर्णय लिया है. इन भैंसों को मुख्यमंत्री द्वारा ‘सॉफ्ट रिलीज’ प्रक्रिया के तहत छोड़ा जाएगा. इसका अर्थ है कि शुरुआत में उन्हें एक सुरक्षित और नियंत्रित बाड़े में रखा जाएगा ताकि वे स्थानीय वातावरण के अनुकूल ढल सकें, और उसके बाद उन्हें पूरी तरह से जंगल में छोड़ दिया जाएगा.
50 जंगली भैंसों को बसाने की मास्टर प्लानिंग
वन विभाग की योजना के अनुसार निकट भविष्य में कान्हा में कुल 50 जंगली भैंसों को बसाने का प्लान है, जिससे इस प्रजाति का संरक्षण और विस्तार सुनिश्चित हो सके. ‘सॉफ्ट रिलीज़’ प्रोटोकॉल के तहत इन भैंसों को शुरू में एक नियंत्रित वातावरण में रखा जाएगा, ताकि वे अपने नए परिवेश के अनुकूल ढल सकें. यह पहल न केवल कान्हा के आकर्षण को बढ़ाएगी, बल्कि भविष्य में पर्यटकों के लिए आकर्षण का एक नया केंद्र भी बनेगी.
