मध्य प्रदेश:- सीएम मोहन यादव ने विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा नारी शक्ति का सम्मान किया है, जबकि कांग्रेस ने दशकों तक उनके अधिकारों को दबाया है. आगे क्या कुछ कहा है आपको बताते हैं.
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 27 अप्रैल को विधानसभा के विशेष सत्र में कांग्रेस को जमकर आड़े हाथों लिया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस ने नारी शक्ति को लेकर हमेशा नकारात्मक रवैया अपनाया है. कांग्रेस ने महिलाओं का अपमान किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की महिला प्रधानमंत्री ने ही महिलाओं के अधिकारों की हत्या की. कांग्रेस ने महिलाओं की आकांक्षाओं की पीठ पर खंजर घोंपा है. सीएम ने कहा कि बीजेपी ने सत्ता में आते ही महिलाओं को न केवल उनका अधिकार दिया, बल्कि उन्हें पदों पर आसीन कर उनका सम्मान बढ़ाया. उनके इस वक्तव्य के बीच विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का शासकीय संकल्प ध्वनिमत से पारित हो गया.
सीएम ने सदन में कहा कि हम गौरवशाली संस्कृति के लोग हैं. नेता प्रतिपक्ष ने बुआ के लिए अच्छी बात कही है. कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए. इस जुर्म का जवाबदार कौन है. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी का धन्यवाद है कि उन्होंने अपने परनाना को याद किया. कांग्रेस की सरकार लंबे समय तक रही, क्या भांग पीकर सो रहे थे. उन्होंने कहा कि आज के इस सत्र में दोनों पक्षों ने अच्छी बात कही है. मैं आधी आबादी के भाई के नाते उपस्थित हूं. हमने अपनी वसुंधरा के साथ मातृ सत्ता के साथ भावनाओं को जोड़ा है. कांग्रेस से कहना चाहता हूं, ‘तू इधर उधर की बात न कर ये बता कि कारवां लुटा क्यों?’ कांग्रेस ने 42वां संविधान संशोधन कर साबित कर दिया था कि अब लोकसभा में कोई सीट नहीं बढ़ेगी. कांग्रेस ने बहनों के साथ अन्याय किया. आधी आबादी का आरक्षण रोककर कांग्रेस ने उनका गला घोटा. कांग्रेस ने पाप किया.
गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं कांग्रेसी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि संविधान संशोधन का श्रेय हमें नहीं चाहिए. कांग्रेसी साथियों की नकारात्मकता ऐसी रही है कि वे पक्ष में और विपक्ष में रहते हुए महिला आरक्षण का विरोध करते हैं. कांग्रेसी गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं. इससे तो गिरगिट भी शरमा जाए. नारी शक्ति वंदन अधिनियम को कोई भी परिसीमन के संशोधन के बिना पास नहीं कर सकता है. उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी की नानी ने संविधान संशोधन के जरिए आपातकाल के समय महिला आरक्षण को न कहा था. 16 अप्रैल का संविधान संशोधन नहीं गिरता तो 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने के बाद लोकसभा में 543 सीटों की संख्या 850 हो जाती. उन्होंने कहा कि विधेयक पास होने पर महिला सदस्यों की संख्या 243 होती और लोकसभा में उनकी संख्या बढ़ती. मध्यप्रदेश में भी लोकसभा सदस्यों की संख्या दोगुना से अधिक हो जाती. मध्यप्रदेश में विधानसभा की 130 सीटें बहनों के लिए आरक्षित हो जातीं.
कांग्रेस को जवाब देंगी बहनें
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नींद से जागे और महिलाओं के साथ अन्याय करना बंद करे. उन्हें अब तो समझ आए कि गलती हो रही है. यह चोरी और सीना जोरी जैसी स्थिति है. इस सत्र के माध्यम से प्रदेशभर की बहनें कांग्रेस को देख रही हैं. बहनें उनके कार्यों के लिए जवाब देंगी. उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी ने बहनों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई है. अधिकारों की चोरी के लिए बाबा महाकाल कांग्रेस को माफ नहीं करेंगे. लोकसभा में 1972 और 1976 में परिसीमन की सीटें बढ़ाने पर कांग्रेस ने रोक लगाई थी. एक महिला प्रधानमंत्री ने ही देश की महिलाओं के अधिकार मारने का काम किया था. कांग्रेस अपनी बहानेबाजी के लिए माफी मांगे. कांग्रेस बांटो और राज करो की नीति पर चलती आई है.
ओबीसी विरोधी है विपक्ष
सीएम ने कहा कि कहा कि आज दक्षिण के राज्यों में हमारी सरकारें नहीं हैं. वहां सभी प्रकार की वित्तीय मदद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही मिल रही है. वहीं की सरकारों की दृष्टि में हमेशा तुष्टीकरण है. उन्हें महिला शक्तिकरण रास नहीं आएगा. अगर महिला आरक्षण लागू हुआ तो सच में वंशवाद की जड़ें हिल जाएंगी. कांग्रेस नेता आज पिछड़ा वर्ग की बात कर रहे हैं. कांग्रेसी सरकारों ने 1953 में जनगणना बंद करने का पाप किया था. कांग्रेस ने ओबीसी नेता प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की सरकार गिराने का पाप किया था. सीताराम केसरी के साथ कांग्रेस ने जो किया, वह सभी जानते हैं. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ओबीसी वर्ग को आगे बढ़ाया जा रहा है. मध्यप्रदेश में ओबीसी वर्ग से उमा भारती, बाबूलाल गौर, शिवराज सिंह चौहान जैसे नेताओं को मुख्यमंत्री बनाया गया. कांग्रेस ने तो सुभाष यादव को मुख्यमंत्री नहीं बनने दिया.
कांग्रेसियों ने अटकाया महिला आरक्षण बिल
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हमारी सरकार ने दिल्ली में रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री बनाकर नारी सशक्तिकरण का उदाहरण पेश किया है. देश में एक सकारात्मक माहौल बना है. कांग्रेस धर्म के आधार पर आरक्षण देना चाहती है. यह देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है. कांग्रेस ने महिलाओं के साथ छल किया है, ईश्वर उन्हें माफ नहीं करेगा. कांग्रेस ने 30 साल तक बहनों के अधिकारों पर डाका डाला है. उन्होंने कहा कि 1996 में पहली बार महिला आरक्षण बिल आया और कांग्रेस ने उसे अटकाए रखा. कांग्रेस ने दशकों तक महिला आरक्षण को लॉलीपाप बना कर रखा. प्रधानमंत्री मोदी ने फौलादी इरादों के साथ 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा में रखा था. कांग्रेस ने बहनों की क्षमता और आकांक्षाओं के पीठ में खंजर घोंपने का काम किया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ाई महिलाओं की भागीदारी
सीएम ने कहा कि शाहबानो केस में कांग्रेस को जरा भी दया नहीं आई. कांग्रेस ने तुष्टीकरण के बल पर कुर्सी सुरक्षित करने के लिए शाहबानो के संघर्ष को कुर्बान कर दिया. नारी शक्ति वंदन अधिनियम को गिराकर कांग्रेस को देश हित नहीं सिर्फ दल हित का कार्य किया है. नारी सब भूल जाती है, लेकिन अपना अपमान नहीं भूलती है. महिलाएं कांग्रेस से हिसाब बराबर करेंगी. कांग्रेस ने बहनों के अधिकारों पर डाका डालकर संसद में जश्न मनाया. उन्होंने कहा कि याद रखें पाप की सजा हमेशा मिलती है. हमारे लिए महिला आरक्षण कोई गुणा भाग नहीं है. प्रधानमंत्री मोदी ने महिला कल्याण को महिला नेतृत्व में बदला है. पंचायत से पार्लियामेंट तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है. देश के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण में बहनों की अहम भूमिका है. द्रोपदी मुर्मू आज देश के राष्ट्रपति पद तक पहुंच सकी हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है. ऑपरेशन सिंदूर में देश की सेना ने पाकिस्तानी आतंकियों को चुन-चुन कर मारने का कार्य किया है. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारी नारी शक्ति ने दुनिया को सेना की ताकत दिखाई है. बेटियों ने कई खेलों में मेडल जीतकर देश को गौरवान्वित किया. आज देश में पीएम उज्जवला गैस कनेक्शन हैं. मातृ वंदना, सुकन्या समृद्धि, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, जनधन योजना से माताएं बहनें सशक्त हुई हैं.
मध्यप्रदेश ने दिया महिलाओं को सम्मान
सीएम ने आगे कहा कि एमपी मतलब ‘महिला सशक्तिकरण प्रदेश’. हमारी माटी में लोकमाता अहिल्याबाई, वीरांगना रानी दुर्गावती, रानी अवंतीबाई का रक्त दौड़ता है. राज्य सरकार ने महिलाओं को स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया है. लोकसभा में 6 बहनें, विधानसभा में और मंत्रीमंडल में हमारी 5 बहनें प्रदेश का गौरव बढ़ा रही हैं. आज 17 जिलों में महिलाएं कलेक्टर का पद संभाल रही हैं. अनेक बहनें आईजी और डीआईजी के पद पर आसीन हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश की मुख्य सचिव भी एक महिला रही हैं. दो दशकों में हमारी सरकारों ने नीयत, नीति और निर्णय से बहनों के जीवन में उजाला फैलाया है. प्रदेश की बहनों का सपना धीरे-धीरे पूर्ण हो रहा है. प्रदेश में बेटियों के जन्म से लेकर कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जाता है. गरीब की बेटियों का विवाह धूमधाम से कन्यादान योजना में हो रहा है.
महिला सशक्तिकरण का मॉडल बन चुका एमपी
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना ने 53 लाख से अधिक बेटियों के जीवन को बदला है. प्रदेश के स्कूलों में ड्रॉप आउट दर 6 से शून्य हो गया है. 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा में टॉप कर बेटियों ने गौरवान्वित किया है. बेटियां प्रतियोगी परीक्षाओं में टॉप कर आगे बढ़ रही हैं. हमारी सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया है. महिलाएं अपनी प्रतिभा और परिश्रम के बल पर आगे बढ़ रही हैं. उन्होंने कहा कि 4454 पदों पर बहनों का चयन हुआ है. मध्यप्रदेश महिला सशक्तिकरण का मॉडल बन चुका है. राज्य सरकार ने हर क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ाया है. 5 लाख से अधिक स्व सहायता समूहों से जुड़कर 65 लाख से अधिक माताओं-बहनों ने आत्मनिर्भरता का इतिहास रचा है. ड्रोन दीदीयां, बैंक सखी बनकर महिलाएं आगे बढ़ रही हैं. प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए की राशि दे रहे हैं. प्रति बहन 40 हजार से अधिक राशि पहुंच चुकी है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के 48 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं. एमएसएमई सेक्टर से 10 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं. विद्युत विभाग में 50 हजार से अधिक बहनों को रोजगार मिला है. पुलिस विभाग में तीन साल में 22 हजार 500 से अधिक भर्तियां की जाएंगी.
महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं-बहनों के अधिकारों के साथ प्रदेश आनंद में डूबेगा. औद्योगिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाते हुए कई उद्योगों में 90 प्रतिशत रोजगार महिलाओं को दिया जा रहा है. धार में सबसे बड़े पीएम मित्र पार्क से बहनों को रोजगार मिलेंगे. रोजगार परक उद्योग स्थापित करने पर प्रति बहन 5 हजार रुपए मासिक आधार पर सहायता दी जा रही है. बहनों के लिए सुरक्षित छात्रावास की व्यवस्था की गई है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज में महिला सुरक्षा की स्थित जानकर हैरानी होती है. कांग्रेस ने स्वास्थ्य के मामले में बहनों को भगवान के भरोसे छोड़ दिया था. आज प्रदेश में 32 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं. बहनों के लिए अस्पतालों में प्रसव से जुड़ी जांच की सुविधाएं नि:शुल्क दी जा रही हैं. मातृ मृत्युदर 142 से घटकर 128 हुई है. गरीबों को एयर एंबुलेंस की सुविधा दी जा रही है. सीएम ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हमारी सरकार कोई समझौता नहीं कर रही है. प्रदेश में 57 वन स्टॉप सेंटर संचालित किए जा रहे हैं. 8 नए वन स्टॉप सेंटर स्वीकृत किए जा रहे हैं. महिला पुलिसकर्मियों को संख्या बढ़ रही है. बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वालों के लिए फांसी की सजा का प्रावधान करने वाला इकलौता मध्यप्रदेश है. उन्होंने कहा कि इस साल बजट में नारी शक्तिकरण के लिए 1 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है. महिला आरक्षण लागू करने के लिए विपक्ष ने जो भूमिका निभाई है, उस अहंकार से तो रावण भी शरमा जाए. बहनें लोकसभा और विधानसभाओं में आएगीं तो देश-प्रदेश का मान बढ़ेगा। नारी की गरिमा के देश का स्वाभिमान है
