नई दिल्ली :-सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है. यह दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए खास माना जाता है. यूं तो हर महीने में अमावस्या तिथि होती है, लेकिन ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि विशेष मानी जाती है. इस बार 6 जून 2024 को ज्येष्ठ अमावस्या है.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पितरों की पूजा और उनके निमित कुछ खास चीजों का दान करने से न सिर्फ पितर प्रसन्न होते हैं बल्कि पितृ दोष से भी छुटकारा मिल जाता है. काशी के ज्योतिषाचार्य पण्डित संजय उपाध्याय ने बताया कि इस दिन गंगा में स्नान के बाद हाथ में काला तिल लेकर अपने पितरों को याद करके उन्हें जल अपर्ण करना चाहिए. इससे पितर प्रसन्न होते हैं.
पीपल के पेड़ पर चढ़ाएं जलइसके अलावा इस दिन पीपल के पेड़ में भी एक लोटा जल जरूर देना चाहिए. पीपल के वृक्ष में स्वयं भगवान विष्णु विराजते हैं. इसलिए ज्येष्ठ अमावस्या पर उन्हें जल देने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
जरूरतमंद को कराएं भोजनइसके अलावा ज्येष्ठ अमावस्या के दिन गरीब, जरूरमंद और भूखे व्यक्ति को भोजन भी जरूर कराना चाहिए. इससे भी पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और जब पितर प्रसन्न होते हैं, तो घर में सुख समृद्धि का वास होता है.
कपूर से करें ये उपायज्येष्ठ अमावस्या के दिन शाम के समय कपूर जलाकर पूरे घर में दिखाना चाहिए और फिर जलते हुए कपूर को छत के मध्य में जलते हुए छोड़ देना चाहिए. फिर उसे वापस लौट कर नहीं देखना चाहिए.
