छत्तीसगढ़ :– मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के लिए रूट तय करने आखिरी टेंडर निकाला जाएगा। इससे पहले अब तक 24 रूट फाइनल हो चुके हैं। अनुमान है कि आखिरी टेंडर में 20 से 25 रूट तय हो सकते हैं। राज्य सरकार ने इस योजना के तहत 100 बसें संचालित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। सरकार की कोशिश है कि राज्य के दूरदराज के इलाकों में जहां बस परिवहन कम है, या बसें उपलब्ध ही नहीं है, वहां बसे चलाई जाएं। योजना की शुरुआत बस्तर और सरगुजा संभाग से की जाएगी।
जा रही है । जिसमें अधिकतम वित्तीय सहायता की दर से न्यूनतम बिड करने वाले आवेदकों को इस योजना के अधीन बस संचालन के लिए अनुज्ञा पत्र प्राप्त करने हेतु क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार की अग्रिम कार्यवाही के लिये चुना किया जायेगा।
बसें 18 से 30 सीटर, सुरक्षा भी रहेगी
इस योजना के तहत चलने वाली बसों में 18 से लेकर 40 सीटों की क्षमता (चालक को छोडकर) होगी। वाहन को इस योजना के तहत अनुज्ञापत्र (परमिट) एवं सुविधा प्रदान किया जायेगा तथा ऐसे सभी वाहन प्राधिकृत वीएलटीडी निर्माता, डीलर द्वारा उपलब्ध वीएलटीडी डिवाईस एवं पैनिक बटन से युक्त होंगे।
वाहन के बॉडी में दोनों ओर बाहरी भाग पर वाहन की लंबाई अनुसार सफेद रंग के रिफलेक्टिव टेप (रेडियम) की पट्टी पर गहरे नीले रंग से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना’ लिखा जायेगा। इस पट्टी के अग्र भाग पर मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन की निधारित फोटो तथा पश्च भाग पर परिवहन विभाग संबंधी लोगो (चिन्ह) लगाया जाना अनिवार्य होगा। पट्टी की चौडाई 25 सेंटीमीटर और ऊंचाई में अक्षरों का आकार 20 सेंटीमीटर होगा, जिसे 25 मीटर दूरी से साफ-साफ पढ़ा जा सके। उक्त लोगों एवं नाम दोनों रिफलेक्टिव टेप (रेडियम) के माध्यम से लिखाना होगा।
