नई दिल्ली:– पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति को लेकर एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए नियमों के तहत, जिन घरों में पहले से पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन मौजूद हैं, उन्हें अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध नहीं किया जाएगा। यदि किसी उपभोक्ता के पास पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन हैं, तो उन्हें तुरंत अपना एलपीजी कनेक्शन रद्द करना होगा। यह आदेश शनिवार को जारी की गई अधिसूचना के तहत लागू हुआ है और इसका पालन तत्काल प्रभाव से होना है।
अब एक ही घर में पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन रखना अवैध होगा। जिनके पास सक्रिय पीएनजी कनेक्शन है, वे अब अपने पुराने एलपीजी सिलेंडर की रिफिलिंग (बुकिंग) नहीं करा सकेंगे। इस नियम के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं के पास दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें अपना एलपीजी कनेक्शन विभाग को तुरंत सरेंडर करना होगा। पीएनजी कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को अब नए घरेलू एलपीजी कनेक्शन के लिए आवेदन करने की अनुमति नहीं होगी।
महीं मिलेगा घरेलू एलपीजी कनेक्शन
मंत्रालय ने तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति एवं वितरण का विनियमन) आदेश, 2000 में संशोधन किया है। नए नियमों के तहत पीएनजी कनेक्शन रखने वाला कोई भी व्यक्ति नया घरेलू एलपीजी कनेक्शन नहीं ले सकेगा। जिनके पास दोनों कनेक्शन हैं, वे एलपीजी सिलेंडर का रिफिल नहीं करवा सकेंगे और उन्हें अपना एलपीजी कनेक्शन अनिवार्य रूप से सरेंडर करना होगा। सरकारी तेल कंपनियां (आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल) और उनके वितरक ऐसे घरों में एलपीजी सिलेंडर प्रदान नहीं कर सकेंगे।
एलपीजी की मांग कम होगी
इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एलपीजी की सीमित आपूर्ति को बेहतर तरीके से प्रबंधित किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सिलेंडर उन परिवारों तक पहुंचे, जिन्हें पीएनजी जैसा विकल्प नहीं है। पीएनजी मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध है, जहां पाइपलाइन के माध्यम से सस्ती और पर्यावरण-अनुकूल गैस मिलती है। वहीं, ग्रामीण और छोटे शहरों में अभी भी एलपीजी ही मुख्य ईंधन है। इस बदलाव से पीएनजी वाले क्षेत्रों में एलपीजी की मांग कम होगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सब्सिडी वाले सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ेगी।
इस कदम को ‘एक घर-एक ईंधन’ नीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार ने पहले भी दोहरे कनेक्शन पर रोक लगाने का प्रयास किया था, लेकिन अब यह नियम स्पष्ट और सख्ती से लागू किया गया है। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि यदि उनके पास दोनों कनेक्शन हैं, तो वे तुरंत अपने नजदीकी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर या कंपनी के पोर्टल पर जाकर अपना कनेक्शन सरेंडर करें। कनेक्शन सरेंडर करने पर कोई जुर्माना नहीं होगा, लेकिन नियम तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
