नई दिल्ली:– अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट को लेकर बड़ा बयान देते हुए ईरान के खिलाफ कड़ा रुख दिखाया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को हासिल करने के करीब है और ईरान की सैन्य क्षमता को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमता, लॉन्चर और उससे जुड़े सभी सिस्टम को समाप्त करना, उसके रक्षा औद्योगिक ढांचे को नष्ट करना और उसकी नौसेना व वायुसेना को कमजोर करना है। साथ ही उन्होंने साफ किया कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु शक्ति बनने नहीं देगा और जरूरत पड़ने पर तुरंत सख्त कार्रवाई करेगा।
ट्रंप ने अपने बयान में मिडिल ईस्ट के सहयोगी देशों—इज़राइल, सऊदी अरब, कतर, यूएई, बहरीन और कुवैत—की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि अमेरिका उनके साथ खड़ा है। उन्होंने होर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर भी कहा कि इसका जिम्मा उन देशों को उठाना चाहिए जो इसका उपयोग करते हैं, हालांकि जरूरत पड़ने पर अमेरिका मदद करेगा।
इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर अमेरिका-ईरान संबंधों को लेकर चर्चा तेज हो गई है और क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
