नई दिल्ली:– सड़क सुरक्षा में हेलमेट सबसे अहम सुरक्षा उपकरणों में से एक है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि हेलमेट की भी एक तय उम्र होती है। विशेषज्ञों के अनुसार एक सामान्य हेलमेट की लाइफ लगभग 3 से 5 साल तक होती है, इसके बाद उसकी मजबूती और सुरक्षा क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है।
हेलमेट की बाहरी परत (शेल) और अंदर का फोम समय के साथ कमजोर हो जाता है, जिससे एक्सीडेंट के समय वह सही सुरक्षा नहीं दे पाता। अगर हेलमेट एक बार भी किसी बड़े झटके या दुर्घटना में इस्तेमाल हो चुका है, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए, भले ही वह बाहर से ठीक दिखाई दे।
इसके अलावा, धूप, गर्मी, बारिश और धूल भी हेलमेट की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं। अगर हेलमेट में क्रैक, ढीलापन या अंदर की पैडिंग खराब हो जाए, तो यह संकेत है कि अब उसे बदलने का समय आ गया है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हमेशा ISI मार्क वाला हेलमेट ही इस्तेमाल करें और समय-समय पर उसकी स्थिति जांचते रहें, क्योंकि सही हेलमेट ही आपकी जान बचा सकता है।
