मध्य प्रदेश:– मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि आज से शुरू हो रही जनगणना के तहत भोपाल निवास में स्व-गणना (Self-Enumeration) का फॉर्म भरा. मध्यप्रदेश के समग्र विकास को गति देने और योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ नागरिकों तक पहुंचाने के लिए यह प्रक्रिया बहुत जरूरी है.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज (16 अप्रैल) से प्रारंभ हो रही जनगणना के तहत भोपाल स्थित अपने निवास पर स्व-गणना (Self-Enumeration) का फॉर्म भरकर जनगणना 2027 प्रक्रिया का शुभारंभ किया. सीएम मोहन यादव ने खुद स्व-गणना पोर्टल पर प्रारंभिक पंजीकरण किया और अपनी जानकारी फॉर्म में भरा. इस मौक पर उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के समग्र विकास को गति देने और योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ नागरिकों तक पहुंचाने के लिए यह प्रक्रिया अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से अपील की कि वे स्व-गणना का फॉर्म अवश्य भरें.
जनगणना देश की रीढ़ और विकास की नींव…
सीएम मोहन यादव ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘आज से शुरू हो रही जनगणना के तहत भोपाल निवास में स्व-गणना (Self-Enumeration) का फॉर्म भरा. मध्यप्रदेश के समग्र विकास को गति देने और योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ नागरिकों तक पहुंचाने के लिए यह प्रक्रिया बहुत जरूरी है. सभी प्रदेशवासियों से मेरी अपील है कि स्व-गणना का फॉर्म भरें और जब जनगणना की टीम घर आए, तब सभी आवश्यक जानकारियां उन्हें अवश्य दें. यह बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए है. जनगणना देश की रीढ़ और विकास की नींव होती है
मुख्यमंत्री डॉ . मोहन यादव ने प्रदेश में जनगणना 2027 की प्रक्रिया के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में आयोजित कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किए. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in पर प्रारंभिक पंजीकरण कर प्रदेश में स्व-गणना प्रक्रिया का शुभारंभ किया. सीएम मोहन यादव ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों की प्रक्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण कदम है. इससे हम जान सकेंगे कि विकास की धारा समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सुगमता से पहुंच रही है या नहीं. यह जनगणना हमारी अगली पीढ़ी के उज्जवल भविष्य के लिए है. प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि जनगणना में वह सही, सटीक और पूर्ण जानकारी दे. जनगणना में लगे कर्मचारी-अधिकारी राष्ट्र निर्माण का पवित्र कार्य कर रहे हैं. उनका परिश्रम और सटीकता से किया गया कार्य देश के भविष्य को मजबूत बनाएगा.
मध्य प्रदेश में जनगणना का पहला चरण शुरू
बता दें कि मध्य प्रदेश में जनगणना 2027 के पहले चरण की औपचारिक शुरुआत हो गई है और यह 45 दिनों तक चलेगा. इस चरण में राज्य में मकानों और उनमें रहने वाले परिवारों की गणना की जाएगी और उनकी जानकारी एकत्र की जाएगी. इस दौरान 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक सेल्फ एन्यूमरेशन की प्रक्रिया चलेगी, जिसमें लोग खुद जानकारी दर्ज कर सकते हैं और Census Self Enumeration Portal के जरिए ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं. इस दौरान कुल 33 सवालों के जवाब देने होंगे. सेल्फ एन्यूमरेशन फॉर्म भरने के बाद जनगणनाकर्मी 1 मई से आपके घर पहुंचेंगे और आपके द्वारा दी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे. यह पहला मौका है, जब इस बार पूरी जनगणना प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जा रही है, जिससे यह तेज, सटीक और पारदर्शी होगी.
