नई दिल्ली:– पांचवीं व आठवीं की कॉपी जांचने में जिले के 56 शिक्षकों ने गलती की थी। इस वजह से छात्र या तो फेल हो गए या फिर उनके अंक कम हो गए। इसके बाद चार हजार से अधिक छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा रिटोटलिंग के आवेदन किए। इसमें भी शिक्षकों ने लापरवाही की और रिटोटलिंग भी गलत कर दी।
ऐसे में जिला शिक्षा केंद्र ने मामले की जांच की और 56 शिक्षकों को दोषी पाया। इन्हें नोटिस भी दिया गया और कुछ शिक्षकों ने जवाब भी दिए हैं। हालांकि, जिला शिक्षा केंद्र के अफसर जवाबों का अध्ययन कर रहे हैं, लेकिन विभाग के सूत्र बताते हैं कि शिक्षकों पर कार्रवाई जरूर होगी।
छात्रों को मिलेगा दूसरा अवसर
शिक्षकों की लापरवाही का शिकार हुए छात्रों के लिए अब राज्य शिक्षा केंद्र द्वितीय परीक्षा का आयोजन अगले महीने कराने जा रहा है। इस परीक्षा में छात्र शामिल होकर पास हो सकेंगे। लापरवाही का आलम यह रहा कि कई स्कूलों के शिक्षकों ने तो मुख्य परीक्षा के साथ छात्रों के तिमाही व छमाही परीक्षा के अंक भी नहीं जोड़े हैं, जिससे कई छात्र फेल हो गए। अब द्वितीय परीक्षा इन प्रभावित छात्रों के लिए एक बड़ा सहारा बनेगी।
कार्रवाई के लिए जिला पंचायत सीईओ को भेजा प्रस्ताव
जिन शिक्षकों पर कार्रवाई की जानी है, उनके प्रस्ताव जिला पंचायत सीईओ के पास भेजे जा रहे हैं। सीईओ स्तर से ही इन शिक्षकों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा केंद्र समन्वयक महेश सिंह करोरिया ने बताया कि शिक्षकों को नोटिस दिए गए थे और उनके जवाब भी आए हैं। अब कार्रवाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए सीईओ को अंतिम प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
