छत्तीसगढ़:– हाईकोर्ट ने प्रदेश में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत पहली कक्षा में एक भी एडमिशन नहीं आने को लेकर हैरानी जताई है। इस मामले में राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि प्रदेश के करीब 400 स्कूलों में एडमिशन के लिए किसी का भी आवेदन नहीं आया है, जिनमें ज्यादातर बड़े स्कूल शामिल हैं।
यह जानकारी सामने आने पर हाईकोर्ट ने हैरानी जताते हुए शासन से पूछा कि क्या गरीब बच्चे बड़े स्कूलों में पढ़ना नहीं चाहते। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि कहीं राज्य सरकार कुछ छिपा तो नहीं रही है। डिवीजन बेंच ने इस मामले में शिक्षा सचिव को 10 जुलाई तक शपथ पत्र के साथ जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जनहित याचिका पर हुई सुनवाई
दरअसल, शिक्षा के अधिकार कानून को लेकर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर गुरुवार (7 मई) को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश शपथ पत्र को देखकर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। सरकार ने अपने जवाब में बताया कि राज्य के 387 स्कूलों में एडमिशन के लिए एक भी आवेदन नहीं मिला, जबकि 366 ऐसे स्कूल हैं जहां उपलब्ध सीटों की तुलना में आवेदन काफी कम आए हैं। इनमें प्रदेश के अधिकांश बड़े स्कूल शामिल हैं।
