नई दिल्ली:- भारतीय सेना ने ईंधन की बचत और वाहनों की उम्र बढ़ाने के लिए अपनी यूनिट्स के मूवमेंट के तौर-तरीकों में बड़ा बदलाव करते हुए अब लंबी दूरी के साथ-साथ छोटी दूरी के लिए भी ट्रेनों का इस्तेमाल करने का फैसला किया है।
देश के अलग अलग हिस्सों में तैनात भारतीय सेना की अलग अलग यूनिट के मूवमेंट के लिए अब ज्यादातर ट्रेन का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पेट्रोल-डीजल की बचत तो होगी ही साथ ही वक्त भी बचेगा। हर साल सेना की कई यूनिट एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर होती हैं और एक यूनिट के मूवमेंट में 40 से लेकर 70 तक गाड़ियों का इस्तेमाल होता है।
पीएम की अपील के बाद सेना ने भी किया बड़ा बदलाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपील की थी कि पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल समझदारी से किया जाए और फ्यूल की बचत की जाए। सेना सूत्रों के मुताबिक इसका सेना की ट्रेनिंग या ऑपरेशनल तैयारियों में कोई फर्क नहीं पड़ा है लेकिन पेट्रोल-डीजल कम खर्च करने के लिए अब यूनिट के मूवमेंट में ट्रेन का ज्यादा इस्तेमाल किया जाएगा।
ढाई से तीन साल में बदलती है यूनिट की पोस्टिंग
सेना की यूनिट की पोस्टिंग अमूमन ढाई से तीन साल में बदलती रहती है। यानी ढाई से तीन साल में यूनिट एक जगह से दूसरी जगह जाती है। अलग अलग आर्म की यूनिट के मूवमेंट के लिए बड़ी संख्या में गाड़ियों की जरूरत होती है। अगर एक छोटी यूनिट है तो उसके लिए करीब 40-50 गाड़ियों की जरूरत होती है।
सेना की यूनिट में बड़ी संख्या में लगती हैं गाड़ियां
बड़ी यूनिट है तो यह संख्या बढ़कर 60-70 भी हो जाती है। इसमें सामान ढोने के लिए बड़ी गाड़ियों के साथ ही ऑफिसर्स, जेसीओ के लिए अलग से गाड़ियां भी शामिल होती हैं। अगर यूनिट अपने उपकरणों के साथ दूसरी जगह जा रही है तो वीइकल की संख्या और बढ़ जाती है। हालांकि आमतौर पर यूनिट अपने उपकरण उसकी जगह ले रही दूसरी यूनिट को हैंडओवर करके जाती है। इन मूवमेंट में बड़ी संख्या में गाड़ियों का इस्तेमाल होता है।
छोटी दूरी को लिए भी किया जाएगा ट्रेन का इस्तेमाल
सूत्रों के मुताबिक अब ट्रेन के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। अभी 1000 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी पर जाने के लिए ट्रेन का ही इस्तेमाल होता रहा है लेकिन अब कम दूरी के लिए भी ट्रेन के इस्तेमाल किया जाएगा। भारतीय सेना के पास अपनी मिलिट्री स्पेशल ट्रेन हैं।
क्या होगा इससे फायदा
ये कब और किस रूट पर जाएंगी इसका फैसला सेना ही करती है। हालांकि शेड्यूल की जानकारी रेलवे मंत्रालय को देनी होती है। सेना के एक अधिकारी के मुताबिक ट्रेन का ज्यादा इस्तेमाल करने से सिर्फ पेट्रोल- डीजल की ही बचत नहीं होगी बल्कि गाड़ियों का रन कम होने से वह भी ज्यादा वक्त तक इस्तेमाल की जा सकेंगी। ट्रेन के इस्तेमाल से वक्त भी बचेगा।
