तमिलनाडु :– नई सरकार को शपथ लिए अभी दस दिन भी नहीं हुआ है और सरकार में शामिल सहयोगी दलों के बीच मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। तमिलनाडु सरकार में शामिल सहयोगी वामपंथी दल CPM ने मुख्यमंत्री विजय को धमकी दी है कि अगर AIADMK को गठबंधन या सरकार में शामिल किया तो पार्टी सरकार को समर्थन देने पर पुनर्विचार करेगी।
CPM ने मुख्यमंत्री विजय के राज्य में क्लीन गवर्नेंस के वादे पर भी सवाल उठाए। सीपीएम नेता ने सीएम विजय को निशाने पर लेते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने शासन को पूरी तरह साफ करने और भ्रष्टाचार मुक्त शासन का वादा किया था।
जनादेश का होगा अपमान: CPM
CPM का कहना है कि राज्य की जनता ने DMK और AIADMK के खिलाफ जनादेश दिया है। ऐसे में AIADMK के किसी भी गुट का नई सरकार में शामिल करना जनता की भावना के खिलाफ होगा। साथ ही पार्टी ने ये भी कहा कि AIADMK को शामिल करना राज्य में TVK के स्वच्छ शासन के वादे खिलाफ संदेश जाएगा।
AIADMK ने दिया था समर्थन
बता दें, AIADMK नेता सीवी शनमुगम ने अपने गुट के साथ मुख्यमंत्री विजय को समर्थन दिया था। उन्होंने कहा, हमने TVK को अपना समर्थन देने का फ़ैसला किया, जो विजयी रही।
हमने इस पार्टी की स्थापना DMK के खिलाफ की थी। 53 सालों से हमारी राजनीति DMK के खिलाफ़ रही है। इस इतिहास को देखते हुए एक प्रस्ताव रखा गया था जिसमें सुझाव दिया गया था कि DMK के समर्थन से AIADMK की सरकार बनाई जाए।
आगे उन्होंने कहा, हमारे ज्यादातर सदस्यों ने इसे अस्वीकार कर दिया और इसका विरोध किया। अगर हम DMK के साथ गठबंधन करते तो AIADMK का अस्तित्व ही समाप्त हो जाता। उन्होंने ऐसी स्थिति को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। हम अभी बिना किसी गठबंधन के खड़े हैं और अब हमारा ध्यान अपनी पार्टी को फिर से मजबूत और जीवंत बनाने पर होना चाहिए। आखिरकार हमने TVK को अपना समर्थन देने का फैसला किया, जो विजयी रही।
इसलिए किया विजय को समर्थन
पार्टी द्वारा TVK को समर्थन करने के मुद्दे पर CPM नेताओं का कहना है कि हमारी पार्टी राज्य के विजय की सरकार का इसलिए समर्थन कर रही है, क्योंकि राज्य इस समय दोबारा चुनाव के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने यह तर्क भी दिया कि वे नहीं चाहते कि राज्य की राजनीतिक अस्थिरता का फायदा उठाकर बीजेपी तमिलनाडु की राजनीति में ‘बैक डोर’ से एंट्री करे या राज्य में राज्यपाल शासन की स्थिति बने।
CPM के बयान को तमिलनाडु की राजनीति में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में राज्य में TVK और उनके सहयोगियों के बीच दबाव बढ़ सकता है।
