छत्तीसगढ़:– विधानसभा में मानसून सत्र के अंतिम दिन विपक्ष द्वारा सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने 136 बिंदुओं में आरोप पत्र सदन में पेश किया। इस दौरान उन्होंने सरकार के ढाई साल की नाकामियां गिनाते हुए सरकार के खिलाफ अविश्वास व्यक्त किया। इसके जवाब में सत्ता पक्ष ने साय सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कांग्रेस सरकार में हुए घोटालों का कच्चा चिट्ठा सदन में पेश किया।
शून्यकाल के बाद स्पीकर डॉ रमन सिंह ने विपक्ष द्वारा लाये गये अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा से पहले सभी सदस्यों को अपनी बातें शालीनता से रखते हुए भाषा की मर्यादा पर विशेष ध्यान रखने की नसीहत दी। चर्चा की शुरुआत नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने करते हुए कहा कि सरकार के 136 सप्ताह पूरे हो गए हैं इसलिए हमने 136 बिंदुओं पर यह प्रस्ताव लाया है।
इस सरकार का हर सप्ताह माता, बहन, युवा और किसानों के खिलाफ रचे गये षडयंत्र जैसा रहा है। उद्योगों में हादसे हो रहे हैं, युवा बेरोजगार घूम रहे हैं किसानों को खाद, बीज नहीं मिल रहा और लगातार प्रदेश में हत्या, बलात्कार, अपहरण, लुट, डकैती की वारदाते हो रही है जिसे रोकने में सरकार विफल रही है, ऐसे में आम जनता को इस सरकार पर विश्वास नहीं रहा है।
सत्ता पक्ष की ओर से अजय चंद्राकर ने पहले वक्ता के रूप में पूर्ववर्ती भूपेश सरकार में हुए शराब, कोयला, लेवी, महादेव सट्टा, डी एम एफ घोटाले का जिक्र करते हुए कांग्रेस सरकार पर जमकर हमला बोला। इसके अलावा उन्होंने सायं सरकार की योजनाओं का बखान करते हुए इसे सुशासन की सरकार बताते हुए विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का विरोध किया।
