नई दिल्ली:– भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण आने वाला है। हैदराबाद स्थित स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित देश का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ श्रीहरिकोटा के लॉन्च पैड पर तैयार है और जल्द ही अपनी पहली उड़ान भर सकता है। यह मिशन सफल रहा तो भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल होगा, जहां निजी कंपनियां ऑर्बिटल रॉकेट विकसित कर उसे लॉन्च करने में सक्षम हैं।
करीब 23 मीटर ऊंचा और 1.7 मीटर व्यास वाला विक्रम-1 रॉकेट पूरी तरह एडवांस्ड कार्बन कॉम्पोजिट स्ट्रक्चर से बना है। यह लगभग 350 किलोग्राम तक का पेलोड लो-अर्थ ऑर्बिट में ले जाने में सक्षम है। रॉकेट में तीन-स्टेज सॉलिड प्रोपल्शन सिस्टम के साथ लिक्विड-फ्यूल आधारित ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल (OAM) लगाया गया है।
स्काईरूट एयरोस्पेस के CEO और सह-संस्थापक पवन चंदाना ने कहा कि रॉकेट पूरी तरह तैयार है और सभी तकनीकी परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। उनके अनुसार, युवा इंजीनियरों की टीम ने डिजाइन, निर्माण, परीक्षण और लॉन्च पैड तक पहुंचाने का पूरा काम स्वयं किया है, जो भारतीय स्पेस इंडस्ट्री के लिए बड़ी उपलब्धि है।
इस मिशन की एक खास बात यह भी है कि रॉकेट के साथ भारत के महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, सर सी.वी. रमन और एक अन्य भारतीय वैज्ञानिक को समर्पित लघु प्रतिमाएं भी अंतरिक्ष भेजी जाएंगी। इसके अलावा मिशन में कई प्रायोगिक और प्रतीकात्मक पेलोड भी शामिल हैं।
