छत्तीसगढ़ :– एक बार फिर मानसूनी गतिविधियों के बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में आने वाले दिनों में बारिश का दौर तेज हो सकता है। खासकर उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अगले चार दिनों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मंगलवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई, जिसमें बिलासपुर जिले के बोदरी में सबसे अधिक 7 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।मौसम के इस बदलाव के बीच प्रदेश में अब तक हुई मौसमी बारिश सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम बताई गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश किसानों और खरीफ फसलों के लिए राहत लेकर आ सकती है।
कई इलाकों में हुई बारिश
मंगलवार को छत्तीसगढ़ के अनेक हिस्सों में मौसम बदला रहा। कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई। बिलासपुर जिले के बोदरी में सर्वाधिक 7 सेमी पानी गिरा।
इसके अलावा बिलासपुर, सकरी और पथरिया में 5-5 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। कुमरदा, दुलदुला, मरीं बंगला देवरी, गोबरा नवापारा और तखतपुर में 4-4 सेमी वर्षा हुई।
बैकुंठपुर, डोंडीलोहारा, बिल्हा, लालपुर थाना, कोटा और मुंगेली में 3-3 सेमी बारिश दर्ज की गई। वहीं छिंदगढ़, भाटापारा, अर्जुन्दा, मस्तूरी, राजिम, छुरा, भाखरा, छुरिया, दाढ़ी, पचपेड़ी और अंबागढ़ चौकी में 2-2 सेमी वर्षा हुई।
नांदघाट, कुरूद, गुरूर, चिरमिरी, पाटन, रामचंद्रपुर, गुंडरदेही, धमतरी, बलरामपुर, डोंगरगांव, नवागढ़, बरमकेला और अभनपुर में भी बारिश हुई। इन क्षेत्रों में करीब 1-1 सेमी वर्षा दर्ज की गई।
जगदलपुर और दुर्ग में रहा सबसे ज्यादा तापमान
बारिश के बावजूद प्रदेश के कुछ हिस्सों में दिन के तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं आई। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को जगदलपुर और दुर्ग में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वहीं प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा में 22.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। बारिश और बादलों की मौजूदगी के कारण कई क्षेत्रों में मौसम सुहावना रहा, जबकि कुछ इलाकों में उमस भी महसूस की गई।
रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में आज मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है। आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है और गरज-चमक के साथ बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार रायपुर में दिन का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बारिश होने से तापमान में कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि बादलों के बीच उमस का असर भी बना रह सकता है।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधि बढ़ने की एक बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया मौसम सिस्टम हो सकता है।
फिलहाल उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के आसपास ऊपरी हवा में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से इसी क्षेत्र में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है। यदि यह सिस्टम मजबूत होता है तो इसका असर मध्य भारत सहित छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी दिखाई दे सकता है।
इसके साथ ही मानसून द्रोणिका भी सक्रिय बनी हुई है। यह बीकानेर से लेकर उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के आसपास बने निम्न दबाव क्षेत्र, सीधी, रांची और दीघा होते हुए दक्षिण-पूर्व दिशा में पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।
मौसम प्रणालियों की इस सक्रियता के चलते छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश का सिलसिला बढ़ने की संभावना है।
उत्तर छत्तीसगढ़ में ज्यादा असर की संभावना
मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के दौरान प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां अधिक रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में पहले से ही मानसूनी गतिविधियां बनी हुई हैं। नए सिस्टम के प्रभाव से इन क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। वहीं प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी।
किसानों के लिए बारिश हो सकती है राहत
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन में मानसून की बारिश का सीधा असर पड़ता है। खरीफ सीजन में धान समेत कई फसलों के लिए पर्याप्त बारिश बेहद जरूरी होती है। इस बार मौसमी बारिश सामान्य से 7 प्रतिशत कम रहने के कारण किसानों की नजर अब आगामी बारिश पर टिकी हुई है।
यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो खेतों में नमी बढ़ेगी और खरीफ फसलों को इसका फायदा मिल सकता है। हालांकि बहुत ज्यादा बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर परेशानियां भी सामने आ सकती हैं।
मौसम विभाग की नजर नए सिस्टम पर
बंगाल की खाड़ी में बनने वाले संभावित निम्न दबाव क्षेत्र को लेकर मौसम विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। सिस्टम के बनने और आगे बढ़ने के बाद ही इसके प्रभाव और बारिश की तीव्रता को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।
फिलहाल छत्तीसगढ़ में मानसून के दोबारा सक्रिय होने के संकेत हैं। अगले चार दिनों में विशेष रूप से उत्तरी जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, गरज-चमक और बारिश की स्थिति देखने को मिल सकती है।
