मध्यप्रदेश:– कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की लगातार हो रही मौतों ने वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार सुबह मुक्की परिक्षेत्र में एक और बाघ मृत अवस्था में मिला। प्रारंभिक जांच में उसके शरीर पर चोट के निशान और फेफड़ों में गंभीर संक्रमण की जानकारी सामने आई है।
इस ताजा घटना के बाद कान्हा टाइगर रिजर्व में पिछले एक महीने के दौरान मरने वाले बाघों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। इससे पहले अप्रैल महीने में सरही रेंज में एक बाघिन और उसके चार शावकों की भी मौत हो चुकी थी।
कान्हा टाइगर रिजर्व के उप संचालक पी.के. वर्मा के मुताबिक मुक्की परिक्षेत्र के मोहगांव बीट के कक्ष क्रमांक-156 में बाघ के घायल और अस्वस्थ होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही गश्ती दल मौके पर पहुंचा, जहां बाघ मृत अवस्था में मिला।
5-6 साल थी बाघ की उम्र
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों के तहत बाघ का पोस्टमार्टम कराया गया। जांच में पता चला कि मृत बाघ नर था और उसकी उम्र करीब 5 से 6 वर्ष के बीच थी। अधिकारियों ने बताया कि बाघ के सभी महत्वपूर्ण अंग जैसे नुकीले दांत, नाखून और मूंछ के बाल सुरक्षित पाए गए हैं। फॉरेंसिक जांच के लिए नमूने भी ले लिए गए हैं।
संक्रमण को लेकर बढ़ी चिंता
प्रारंभिक जांच में बाघ के फेफड़ों में गंभीर संक्रमण मिलने के बाद वन्यजीव विशेषज्ञ सतर्क हो गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार केनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) जैसे संक्रमण आवारा कुत्तों के जरिए जंगल तक पहुंच सकते हैं। बताया जा रहा है कि संक्रमित कुत्ते जंगली शाकाहारी जानवरों को संक्रमित कर देते हैं और बाद में जब बाघ ऐसे जानवरों का शिकार करते हैं तो वायरस उनके शरीर में पहुंच जाता है।
