नई दिल्ली:- प्रवक्ता ने कहा कि बीजेपी में और भी लोग थे उन्हें चुना जा सकता था. मैं उम्मीद करता हूं, शुभेंदु अधिकारी जिस संविधान की शपथ लेंगे, उसका पालन करने का प्रयास करेंगे
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के गठन की तैयारियां शुरू हो गई हैं. आज सुबह 10 बजे शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. जिस पर असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM पार्टी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली हैं. उत्तर प्रदेश एआईएमआईएम पार्टी के प्रवक्ता शादाब चौहान ने शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री चुने जाने पर सवाल उठाए और कहा कि बीजेपी ने ऐसे व्यक्ति को चुना जो खुलेआम संविधान की धज्जियां उड़ाता है.
AIMIM ने उठाए शुभेंदु अधिकारी पर सवाल
एआईएमआईएम प्रवक्ता शादाब चौहान ने शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुने जाने पर कहा कि “जनता ने उन्हें चुना है और हम उनके फैसले का सम्मान करते हैं. लेकिन, ये बड़ी विडंबना है कि जो व्यक्ति खुले आम संविधान की धज्जियां उड़ाता है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को चुनौती देता है और एक धर्म की बात करता है, ऐसे व्यक्ति को चुनना निराशाजनक है.
शादाब चौहान ने कहा कि बीजेपी में और भी लोग थे उन्हें चुना जा सकता था. मैं उम्मीद करता हूं, शुभेंदु अधिकारी जिस संविधान की शपथ लेंगे, उसका पालन करने का प्रयास करेंगे और किसी भी भारतीय नागरिक को विदेशी कहने का षड्यंत्र नहीं रचेंगे, अत्याचार नहीं करेंगे और न्याय करने का कार्य करेंगे. हमें पूर्ण विश्वास है कि उनकी सरकार में अराजकता का माहौल नहीं होगा और वो अदालत को अपना काम करने देंगे और बुलडोजर राज भी नहीं होगा.
शुभेंदु अधिकारी आज लेंगे सीएम पद की शपथ
बता दें कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है. जिसके शुक्रवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों ने एक मत से शुभेंदु अधिकारी को अपना नेता चुन लिया, जिसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उनके नाम का ऐलान कर दिया.
शुभेंदु अधिकारी शनिवार सुबह 10 बजे कोलकाता के मशहूर परेड ग्राउंड पर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. ये समारोह बेहद भव्य तरीके से आयोजित किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत इस समारोह में बीजेपी और एनडीए शासित सभी राज्यों की सरकारों मुख्यमंत्री और तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे. शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को हराने के बाद कहा था कि उन्हें मुसलमानों ने वोट दिया जबकि उन्हें सभी हिन्दुओं का वोट मिला.
