छत्तीसगढ़:- कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक बदलावों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंह देव ने हाल ही में संकेत दिया कि यदि पार्टी आलाकमान उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपता है, तो वे इसे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं.
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के भीतर बड़े संगठनात्मक बदलावों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंह देव के हालिया बयान ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद को लेकर राजनीतिक सरगर्मियों को और बढ़ा दिया है. मीडिया से बात करते हुए सिंह देव ने कहा कि जब दूसरे राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष बदले जाते हैं, तो छत्तीसगढ़ में भी इस तरह की चर्चाएं होना स्वाभाविक है
क्या छत्तीसगढ़ कांग्रेस में होने वाला है बदलाव?
टीएस सिंहदेव ने खुद को केवल सरगुजा क्षेत्र तक सीमित न मानते हुए कहा कि पार्टी में विधायक, नेता प्रतिपक्ष और उपमुख्यमंत्री के तौर पर सेवा देने के कारण लोगों के साथ उनका जुड़ाव स्वाभाविक रूप से हमेशा बना रहता है. पार्टी भी उन्हें एक वरिष्ठ नेता के तौर पर देखती है. नतीजतन और यह बिल्कुल स्वाभाविक भी है, जब भी नामों पर विचार किया जाता है, तो उनका नाम हमेशा उन नामों में शामिल होता है. अगर चर्चा इस बात पर होती है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सरगुजा का प्रतिनिधित्व करते हैं, तो यह समझना जरूरी है कि यह पद सिर्फ सरगुजा का नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करता है. इस मामले को इसी व्यापक संदर्भ में देखा और समझा जाना चाहिए.
PCC अध्यक्ष पद को लेकर तेज हुई चर्चाएं
टीएस सिंह देव ने यह भी कहा कि अगर पार्टी आलाकमान उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी सौंपता है, तो वे इसे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं. बता दें कि कांग्रेस ने अपने संगठनात्मक पुनर्गठन अभियान के तहत जिला स्तर पर पहले ही बदलाव लागू कर दिए हैं. नतीजतन व्यापक रूप से यह माना जा रहा है कि पार्टी आलाकमान जल्द ही राज्य स्तर पर भी कोई बड़ा फैसला ले सकता है.
बड़े फेरबदल के संकेत
उनके इस बयान को कांग्रेस संगठन के भीतर संभावित बड़े फेरबदल के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. आगामी शहरी स्थानीय निकाय चुनावों और भविष्य की राजनीतिक रणनीतियों को देखते हुए, कांग्रेस अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की तैयारी करती नजर आ रही है.
