नई दिल्ली:– शरीर को स्वस्थ रखने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय अपनाते हैं, लेकिन आयुर्वेद में एक ऐसी औषधि का उल्लेख मिलता है जिसे ‘अमृत’ की संज्ञा दी गई है। यह है गिलोय। आयुर्वेद के अनुसार गिलोय रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और शरीर को कई समस्याओं से बचाने में सहायक मानी जाती है। यदि सही मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार इसका सेवन किया जाए, तो इसके कई संभावित स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं। आइए जानते हैं कि रोजाना 1 गिलास गिलोय का पानी पीने से शरीर में कौन-कौन से बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
- क्या यही है बार-बार बीमार पड़ने का तोड़?
आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार गिलोय का पानी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है। यदि आपको मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम या संक्रमण जल्दी हो जाता है, तो गिलोय का नियमित और सीमित सेवन लाभदायक माना जाता है। - लिवर की सफाई का छिपा हुआ राज
बहुत कम लोग जानते हैं कि गिलोय को लिवर के लिए भी लाभकारी माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर में बनने वाले फ्री रेडिकल्स से बचाव में मदद कर सकते हैं। हालांकि, यदि आपको पहले से लिवर की कोई बीमारी है, तो इसका सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
. पेट की कई परेशानियों का एक आसान उपाय?
अगर गैस, अपच, कब्ज या पेट भारी रहने जैसी समस्याएं बार-बार परेशान करती हैं, तो गिलोय का पानी पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है। यह पाचन प्रक्रिया और मेटाबॉलिज्म को सामान्य बनाए रखने में भी मदद कर सकता है। - क्या सचमुच ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मददगार है?
कुछ शोध और आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार गिलोय ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकती है। लेकिन यदि आप डायबिटीज की दवा ले रहे हैं, तो बिना डॉक्टर की सलाह के रोजाना गिलोय का सेवन शुरू न करें, क्योंकि इससे शुगर जरूरत से ज्यादा कम होने का खतरा हो सकता है। - थकान और सूजन क्यों होने लगती है कम?
गिलोय में मौजूद सूजनरोधी (Anti-inflammatory) गुण शरीर की सूजन और थकान को कम करने में मदद कर सकते हैं। कई लोगों का मानना है कि नियमित सेवन से शरीर अधिक ऊर्जावान महसूस करता है और अच्छी नींद आने में भी सहायता मिल सकती है।
ध्यान रखें ये जरूरी बात
गिलोय भले ही आयुर्वेद की महत्वपूर्ण औषधि मानी जाती हो, लेकिन हर व्यक्ति के लिए इसका रोजाना सेवन उचित नहीं होता। गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, ऑटोइम्यून बीमारी से पीड़ित लोगों तथा डायबिटीज की दवा लेने वाले मरीजों को इसका सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
आवश्यक सलाह
गिलोय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकती है, लेकिन यह किसी भी बीमारी का इलाज या दवाओं का विकल्प नहीं है। स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार और चिकित्सकीय सलाह के साथ ही इसका सेवन करें।
