मध्यप्रदेश:– राजधानी भोपाल में आज त्याग, समर्पण और अल्लाह की रजा का मुकद्दर त्योहार ईद-उल-अजहा बेहद ही पुरसुकून और अकीदत के माहौल में मनाया जा रहा है। सुबह की पहली किरण के साथ पूरा शहर अल्लाहू-अकबर की सदाओं से गूंज उठा। भोपाल की ऐतिहासिक और मुख्य ईदगाह में सबसे पहले सुबह ठीक 6:30 बजे ईद की मुख्य नमाज मुकम्मल की गई।
सूबे की तरक्की की मांगी दुआ
यह विशेष नमाज शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी की इमामत में अदा की गई, जिसमें लाखों की संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने एक साथ सफों (कतारों) में खड़े होकर बारगाहे-इलाही में सिर झुकाया और मुल्क व सूबे में तरक्की, खुशहाली, अच्छे स्वास्थ्य तथा कौमी भाईचारे के लिए खुदा के हुजूर हाथ फैलाकर खास दुआएं मांगी।
मस्जिदों में उमड़ा जनसैलाब
मुख्य ईदगाह के बाद सिलसिलेवार ढंग से शहर की 56 बड़ी मस्जिदों और ईदगाह मैदानों में नमाज की अदायगी की गई। नमाज के बाद मुस्लिम भाइयों ने एक-दूसरे को गले लगाकर पारंपरिक अंदाज में ईद की दिली मुबारकबाद पेश की।
शहर की मस्जिदों में नमाज का वक्त
मुख्य ईदगाह: सुबह 6:30 बजे (सबसे पहली नमाज)
ऐतिहासिक जामा मस्जिद: सुबह 6:45 बजे
एशिया की विशाल ताजुल मसाजिद: सुबह 7 बजे
मोती मस्जिद: सुबह 7:15 बजे
आरिफ नगर मस्जिद: सुबह 7:30 बजे
एमपी नगर (मस्जिद ख्वानी): सुबह 8:30 बजे
शहर काजी की 4 अपील
हैसियत के मुताबिक दें कुर्बानी
गरीबों का रखें ख्याल
साफ-सफाई सबसे जरूरी
फोटो-वीडियो पर पाबंदी
भोपाल प्रशासन अलर्ट
ईद के इस पाक मौके पर कानून व्यवस्था और स्वच्छता बनाए रखने के लिए भोपाल जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नरेट ने भी एक सख्त प्रशासनिक गाइडलाइन जारी की है। जारी गाइडलाइन के अनुसार यातायात और नागरिक सुविधा को देखते हुए सड़कों या आम सार्वजनिक स्थलों पर नमाज अदा करने से पूरी तरह बचने के निर्देश दिए गए थे, जिसका पालन भी देखने को मिला।
कुर्बानी की रस्म केवल घरों के भीतर या प्रशासन द्वारा चिन्हित और पर्दे वाले कवर्ड स्थानों पर ही करने की अनुमति है। जिला प्रशासन के साइबर सेल ने स्पष्ट हिदायत दी है कि कुर्बानी के फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर कतई वायरल न करें। ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शासन और न्यायालय के नियमों के तहत किसी भी प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी पर पूरी तरह रोक है। सभी से सरकारी नियमों का सम्मान करने की अपील की गई है।
