
कोण्डागांव। 108 एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिलने से करंट के चपेट में आए युवक की मौत का मामला कोण्डागांव में प्रकाश में आया है। दरअसल, बीती रात कोण्डागांव के खुटडोबरा निवासी 26 वर्षीय कुलदीप कोर्राम करंट की चपेट में आ गया, जिसके चलते उसके परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस के लिए कॉल सेंटर में कॉल किया। लेकिन कॉल सेंटर से किसी के द्वारा जवाब नहीं दिया गया। मजबूरन परिजनों ने गंभीर रूप से घायल कुलदीप कोर्राम को मोटरसाइकिल में बिठाकर कोण्डागांव के जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने कुलदीप को मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि कुलदीप को जब लाया जा रहा था, तब वह जीवित था, यदि समय पर 108 एंबुलेंस मिल जाती तो उसकी जान बच सकती थी, लेकिन कॉल सेंटर से किसी के द्वारा जवाब ही नहीं दिया गया
इस पूरे मामले को लेकर गुस्साए परिजनों ने कोण्डागांव के जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची सिटी कोतवाली कोण्डागांव की पुलिस दल ने किसी तरह से परिजनों के गुस्से को शांत करवाया है। कोण्डागांव में 108 एंबुलेंस के माध्यम से लगातार लापरवाही का मामला सामने आ रही है। लापरवाही के चलते किसी न किसी की जान जा रही है। बीती रात जिला अस्पताल में मृत कुलदीप कोर्राम के परिजनों के द्वारा भी 108 की लापरवाही से नाराज होकर जमकर हंगामा किया गया। घटना की जानकारी देते हुए मृतक कुलदीप कोर्राम के भाई भारत कोर्राम ने बताया कि, उनके खुटडोबरा स्थित निवास में बड़े पापा की बेटी का विवाह कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान बिजली गुल हो गया, जिसे देखने के लिए वह घर के पास स्थित बिजली के खंभे के पास पहुंचा
परिजनों की माने तो बिजली की चपेट में आने से कुलदीप गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा, और तड़पने लगा। तड़पते कुलदीप की मदद के लिए 108 एंबुलेंस की सुविधा के लिए कॉल सेंटर में कॉल किया गया। 25 से 30 बार कॉल करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। उसे मोटरसाइकिल से ही जिला अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने कुलदीप को मृत घोषित कर दिया। परिजनों का मानना है कि यदि 108 एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिल पाती तो भी कॉल सेंटर यदि तत्काल कॉल रिसीव करके एंबुलेंस नहीं होने की जानकारी दे देता तो वे समय से उसके भाई को अस्पताल ला पाते।