नई दिल्ली:- बेबी फूड प्रोडक्ट्स के विज्ञापन में किए गए पोषण संबंधी दावों को लेकर नेस्ले इंडिया मुश्किल में घिर गई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने Nestle India Limited की यूनिट I और यूनिट II के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। मामला शिशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ फॉर्मूला मिल्क प्रोडक्ट्स के विज्ञापन और उनके पोषण संबंधी दावों से जुड़ा बताया जा रहा है।
FSSAI की जांच के दौरान Nestle के NAN Excella Pro Stage 1 और Lactogen Pro 1 जैसे उत्पादों के प्रचार की जांच की गई। जांच एजेंसी के मुताबिक, NAN Excella Pro Stage 1 के प्रचार में ‘5 HMOs’ और ‘Whey Protein’ से संबंधित दावे किए गए थे, जबकि Lactogen Pro 1 के विज्ञापन में Whey Protein को आसानी से पचने वाला बताया गया था। नियामक ने इन दावों को निर्धारित खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुरूप नहीं पाया और कंपनी से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा।
मामले में FSSAI ने Food Safety and Standards (Foods for Infant Nutrition) Regulations, 2020 के प्रावधानों के उल्लंघन का हवाला दिया है। नियामक के अनुसार, शिशु पोषण से जुड़े उत्पादों के प्रचार और विज्ञापन को लेकर नियमों का पालन करना जरूरी है।
इसके अलावा Nestle के एक Follow-up Formula के सैंपल की प्रयोगशाला जांच में बायोटिन की मात्रा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। इसके बाद नमूने की दोबारा जांच रेफरल लैब में कराई गई, जहां भी संबंधित मानक को लेकर समस्या सामने आने की बात कही गई है।
FSSAI की कार्रवाई तीन अलग-अलग उत्पाद मामलों से संबंधित बताई गई है। हालांकि, किसी नियामक कार्रवाई में आरोप या जांच के निष्कर्ष को कंपनी की अंतिम दोषसिद्धि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मामले में कंपनी की ओर से दिया गया आधिकारिक स्पष्टीकरण और आगे की कानूनी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।
