नई दिल्ली:– खर्राटे लेने वाला शख्स तो आराम से सो रहा होता है, लेकिन कमरे में सोने वाले और लोग परेशान हो जाते हैं और उनको ठीक से नींद नहीं आती है। ऐसे लोग आसान से कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर इस परेशानी को दूर कर सकते हैं।
खर्राटे का कारण
नींद में सांस रुकने से शरीर में ऑक्सीजन लेवल घटता है। इसके कारण दिमाग और दिल पर प्रेशर बढ़ जाता है। बार-बार जगने या अधूरी नींद लेने से स्ट्रेस हार्मोन- कोर्टिसोल बढ जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है। इसी वजह से खर्राटे लेने वाले लोगों में हाई बीपी, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का रिस्क ज्यादा देखा जाता है।
नींद के दौरान जब हम सांस लेते हैं और छोड़ते हैं, तब हमारी गर्दन और सिर के सॉफ्ट टिश्यू में वाइब्रेश होती है, जिसकी वजह से हम खर्राटे लेते हैं। यही सॉफ्ट टिश्यू हमारी नाक के रास्ते, टॉन्सिल और मुंह के ऊपरी हिस्से में होते हैं और सोने के दौरान हवा के आने-जाने का रास्ता आरामदेह स्थिति में होता है, तब हवा को आने-जाने के लिए अधिक जोर लगाना पड़ता है। अंदर बाहर जाने के लिए जोर लगाना पड़ता है और इसी वजह से सॉफ्ट टिश्यु में वाइब्रेशन होता है।
खर्राटे बंद करने के उपचार
नाक में बादाम का तेल डालें
खर्राटों की समस्या से राहत के लिए नियमित रूप से रात को सोने से पहले 2-2 बूंद बादाम का तेल नाक में डालें और फिर सांस लें। इससे नाक और गले के सूखापन दूर होगा, श्वसन मार्ग को खोलने और ब्लॉकेज को दूर करने में मदद मिलेगी, जिससे खर्राटों की समस्या से निजात मिल सकता है।
तकिया न लगाएं
कई बार सोते समय तकिए का इस्तेमाल करने के कारण भी लोगों को खर्राटे आने की समस्या हो सकती है। ऐसे में इस समस्या से राहत के लिए तकिए के इस्तेमाल से बचें, जिससे सांस लेने में रुकावट न आए। बता दें, तकिए का इस्तेमाल करने के कारण श्वसन नली को सीधा रखने और खर्राटों की समस्या से राहत देने में मदद मिलती है।
लहसुन का सेवन करें
लहसुन में अच्छी मात्रा में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टी होते हैं। ऐसे में इसका सेवन करने से श्वसन मार्ग में सूजन और इससे जुड़ी अन्य समस्याओं से बचाव करने में मदद मिलती है। जिससे सांस लेने में सुधार करने और खर्राटों की समस्या से राहत मिलती है। इसके लिए लहसुन को भूनकर गुनगुने पानी के साथ लिया जा सकता है।
दूध में घी डालकर पिएं
खर्राटों की समस्या और गले की ड्राईनेस से राहत के लिए गर्म दूध में घी डालकर पिया जा सकता है। इससे शरीर को पोषण मिलता है, साथ ही, गले और नाक की ड्राईनेस दूर होती है। इसके अलावा, खर्राटों की समस्या से राहत के लिए दूध में घी डालकर, इसका सेवन भी किया जा सकता है।
