नई दिल्ली:- नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए PF यानी प्रोविडेंट फंड मुश्किल समय में बड़ी राहत बन सकता है। बीमारी, बच्चों की पढ़ाई, शादी, घर खरीदने या होम लोन चुकाने जैसी जरूरतों में EPFO सदस्य अपने खाते से आंशिक निकासी कर सकते हैं। नए ढांचे में PF निकासी के नियमों को पहले से आसान किया गया है, ताकि कर्मचारियों को जरूरत के समय पैसा मिल सके और रिटायरमेंट की बचत भी पूरी तरह खत्म न हो।
नए नियमों के तहत पात्र सदस्य अपने PF बैलेंस का अधिकतम 75% तक निकाल सकते हैं। यानी खाते में कम से कम 25% रकम बचाकर रखना जरूरी होगा। EPFO की वेबसाइट पर PF की आंशिक या पूर्ण निकासी के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है।
₹1 लाख जमा हैं तो कितना पैसा निकलेगा?
अगर किसी कर्मचारी के PF खाते में ₹1 लाख जमा हैं, तो सामान्य स्थिति में वह अधिकतम ₹75,000 तक निकाल सकता है। बाकी ₹25,000 खाते में न्यूनतम बैलेंस के रूप में रहेंगे। इसका मतलब यह नहीं है कि हर सदस्य को सीधे ₹75,000 मिल ही जाएगा। असली रकम इस बात पर निर्भर करेगी कि निकासी किस कारण से की जा रही है, सदस्य की सेवा अवधि कितनी है और वह उस श्रेणी के नियमों में पात्र है या नहीं।
यानी ₹1 लाख बैलेंस होने पर 25 हजार, 50 हजार या 75 हजार तक की निकासी जरूरत और पात्रता के हिसाब से हो सकती है, लेकिन अधिकतम सीमा 75% तक ही मानी जाएगी।
तीन श्रेणियों में बांटे गए नियम
PF से आंशिक निकासी के नियमों को अब मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में रखा गया है। पहली श्रेणी आवश्यक जरूरतों की है, जिसमें बीमारी, बच्चों की पढ़ाई और शादी जैसे खर्च शामिल हैं। दूसरी श्रेणी आवास से जुड़ी है, जिसमें घर या प्लॉट खरीदना, मकान बनवाना, होम लोन चुकाना और घर की मरम्मत जैसे काम शामिल हैं। तीसरी श्रेणी विशेष परिस्थितियों की है, जिसमें कुछ तय स्थितियों में सदस्य को पैसा निकालने की सुविधा मिलती है। हाउसिंग जरूरतों में 12 महीने की EPF सदस्यता के बाद 75% तक निकासी और सदस्यता अवधि में अधिकतम 5 बार दावा करने की बात कही गई है।
बीमारी, पढ़ाई और शादी के लिए नियम
बीमारी के मामले में सदस्य एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 3 बार निकासी कर सकता है। पढ़ाई के लिए पूरी सदस्यता अवधि में अधिकतम 10 बार निकासी की अनुमति हो सकती है। शादी के लिए पूरी सदस्यता अवधि में अधिकतम 5 बार निकासी का प्रावधान है। इन मामलों में भी खाते में 25% बैलेंस बनाए रखना जरूरी रहेगा।
घर खरीदने या लोन चुकाने पर भी राहत
अगर कोई कर्मचारी घर खरीदना चाहता है, मकान बनवाना चाहता है या होम लोन चुकाना चाहता है, तो PF पैसा मदद कर सकता है। आवास संबंधी जरूरतों में भी सदस्य अपने पात्र बैलेंस के आधार पर निकासी कर सकता है। हालांकि इसके लिए सेवा अवधि, दस्तावेज और पात्रता की शर्तें पूरी होना जरूरी है।
25% पैसा क्यों रखना होगा खाते में?
PF का मकसद सिर्फ अचानक आने वाली जरूरतों में पैसा देना नहीं, बल्कि रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड बनाना भी है। बार-बार पैसा निकालने से भविष्य की बचत कम हो जाती है और ब्याज का फायदा भी घटता है। इसी वजह से खाते में 25% रकम सुरक्षित रखने का नियम रखा गया है। सरकार और EPFO की सफाई के मुताबिक, यह कदम लंबे समय की सामाजिक सुरक्षा और रिटायरमेंट फंड को मजबूत रखने के लिए है।
बेरोजगारी में क्या होगा?
अगर कोई सदस्य नौकरी छोड़ देता है या बेरोजगार हो जाता है, तो वह तत्काल अपने PF बैलेंस का 75% तक निकाल सकता है। बाकी 25% रकम तय अवधि के बाद निकाली जा सकती है। वहीं रिटायरमेंट, स्थायी विकलांगता, छंटनी, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति या स्थायी रूप से विदेश जाने जैसी स्थितियों में पूरी रकम के अंतिम निपटान की अनुमति हो सकती है।
निकासी से पहले रखें ध्यान
PF से पैसा निकालना आसान जरूर हुआ है, लेकिन इसे सामान्य खर्चों के लिए इस्तेमाल करना सही नहीं माना जाता। आज निकाली गई रकम पर भविष्य में ब्याज नहीं मिलेगा, जिससे रिटायरमेंट के समय मिलने वाली कुल रकम कम हो सकती है। इसलिए आवेदन करने से पहले अपनी जरूरत, पात्रता और EPFO रिकॉर्ड जरूर जांच लें।
