मध्यप्रदेश:– जिले में एलपीजी गैस सिलिंडरों की बुकिंग व आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है तो वहीं गैस एजेंसी संचालकों व दुकानदारों के द्वारा अवैध रिफिलिंग सहित कालाबाजारी की जा रही है। पिछले दिनों सैनी इंडेन गैस गोदाम के 32 सिलिंडरों में मिली गड़बड़ी के मामले में खाद्य विभाग की टीम द्वारा जांच की जा रही है। टीम ने इंडेन कंपनी के अधिकारियों से विभिन्न बिंदुओं पर रिकार्ड मांगा है, जिसके मिलने के बाद पता चल सकेगा कि सिलिंडरों में गैस कैसे कम हुई थी और कैसे सील टूटी थी। इसकी जांच पूरी होने के बाद अधिकारी प्रकरण को एडीएम न्यायालय में पेश करेंगे।
बकानिया डिपो से इमलिया गोदाम के सफर में कम हुई गैस
जानकारी के अनुसार भौंरी के बकानिया स्थित इंडेन आयल कंपनी के डिपो से ट्रक चालक मोहम्मद सिराज 342 सिलिंडरों से भरा ट्रक लेकर आठ अप्रैल को इमलिया स्थित सैनी इंडेन गैस गोदाम के लिए निकला था। वह दूसरे दिन गुरुवार को गोदाम पर पहुंचा था, जब खाद्य व नापतौल विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से पांच घंटे तक सभी सिलिंडरों की जांच की थी। इस दौरान 27 सिलिंडरों में तीन किलोग्राम तक गैस कम और पांच सिलिंडरों की सील टूटी हुई मिली थी। इस पर ट्रक चालक व एजेंसी संचालक सुनील सैनी कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए थे। टीम द्वारा गुरुवार से मामले में जांच की जा रही है, लेकिन यह पता नहीं लग सका है कि आखिर गैस कैसे कम हुई थी?
खाद्य विभाग ने इंडेन प्रबंधन से मांगा 10 बिंदुओं पर रिकॉर्ड
खाद्य विभाग की टीम ने सोमवार को इंडेन डिपो का निरीक्षण किया और अधिकारियों से सिलिंडरों में कम गैस होने को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। इस दौरान अधिकारियों ने खाद्य विभाग से कुछ दिन का समय मांगा तो उन्हें करीब 10 दिन में कितने ट्रांसपोर्टर हैं, किन-किन मार्गों से एजेंसियों के लिए सिलिंडरों के लिए ट्रक भेजे जाते हैं, कंपनी से निकलने से पहले वजन होता है तो उसका रिकार्ड, रास्ते में वाहन की किसी ऑनलाइन माध्यम से ट्रैकिंग की जाती हो सहित अनेक बिंदुओं पर रिकार्ड मांगा है।
सैनी इंडेन गैस गोदाम व एजेंसी के लिए आए सिलिंडरों में गैस कम मिलने और सील नहीं होने के मामले की जांच चल रही है। इंडेन कंपनी के अधिकारियों से विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी मांगी है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही खुलासा होगा कि आखिर सिलिंडरों से गैस कैसे और कब कम हुई थी। –
