नई दिल्ली:– मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच Donald Trump ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर को तीन और हफ्तों के लिए बढ़ाने पर सहमति बन गई है। यह फैसला दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बातचीत के बाद लिया गया। व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि, “लेबनान और इजरायल के शीर्ष अधिकारियों के साथ हमारी बहुत अच्छी बैठक हुई है। हमें उम्मीद है कि दोनों पक्ष अगले कुछ हफ्तों तक फायरिंग नहीं करेंगे।” हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं है और Hezbollah अब भी एक बड़ा खतरा बना हुआ है।
सीजफायर के बावजूद खतरा बरकरार
ट्रंप ने कहा कि भले ही सीजफायर लागू हो जाए, लेकिन हिज्बुल्लाह की गतिविधियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह संगठन लंबे समय से इजरायल के लिए सुरक्षा चुनौती बना हुआ है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में Lebanon और Israel के नेता अमेरिका का दौरा कर सकते हैं, जहां आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
ईरान को लेकर इजरायल के कड़े संकेत
इस बीच Israel Katz ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इजरायल, Iran के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि इजरायली सेना (IDF) को अटैक और डिफेंस दोनों के लिए तैयार रखा गया है और संभावित टारगेट्स भी चिन्हित कर लिए गए हैं। काट्ज़ ने यह भी कहा कि, “हम अमेरिका की हरी झंडी का इंतजार कर रहे हैं। अगर अनुमति मिली तो ईरान की ऊर्जा और सैन्य क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचाया जाएगा।”
मध्य पूर्व में बढ़ती जंग की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही सीजफायर से अस्थायी राहत मिली हो, लेकिन क्षेत्र में तनाव अभी भी उच्च स्तर पर बना हुआ है। हिज्बुल्लाह, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ती आक्रामक बयानबाज़ी आने वाले समय में बड़े संघर्ष का कारण बन सकती है। इजरायल-लेबनान के बीच सीजफायर का बढ़ना फिलहाल राहत की खबर है, लेकिन हिज्बुल्लाह और ईरान को लेकर स्थिति अब भी विस्फोटक बनी हुई है। आने वाले हफ्ते यह तय करेंगे कि यह शांति कायम रहती है या फिर क्षेत्र एक नए संघर्ष की ओर बढ़ता है।
