मध्य प्रदेश:- किसानों को गेहूं खरीदी पर बड़ी राहत मिली है. एमपी सरकार ने गेहूं खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग की तारीख को आगे बढ़ा दिया है. अब किसान 23 मई तक स्लॉट की बुकिंग कर सकेंगे. जिससे यह भी उम्मीद है कि अब गेहूं खरीदी की तारीख भी आगे बढ़ेगी. सीएम मोहन यादव ने स्लॉट बुकिंग की घोषणा की है. स्लॉट बुकिंग की आखिरी तारीख पहले 9 मई थी. लेकिन अब इसे बढ़ाकर 31 मई कर दिया गया है. जिससे किसानों को आसानी होगी. मोहन सरकार ने इस बार एमपी में 100 मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा है. स्लॉट बुकिंग का समय बढ़ने से सबसे ज्यादा राहत उन किसानों को होगी. जिन्होंने अब तक अपनी बुकिंग नहीं करा पाई थी. ऐसे में उन्हें अब आसानी होगी.
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी जारी है. इस बीच मोहन सरकार ने एमपी के किसानों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने गेहूं खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग की तारीख को बढ़ा दिया है. जिससे किसानों को अब बुकिंग करने में आसानी होगी.
गेहूं खरीदी के लिए अब तक स्लॉट बुकिंग की तारीख 9 मई थी. लेकिन अब सरकार ने इसे बढ़ाकर 23 मई कर दिया है. बुधवार को एक विभागीय समीक्षा बैठक हुई थी. जिसमें स्लॉट बुकिंग में तकनीकी समस्या आने की बात कही गई थी. जो अब दूर हो चुकी है.
सीएम मोहन यादव ने बताया किसान बन्धुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्लॉट बुकिंग एवं गेहूं उपार्जन की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई कर दी गई है. प्रत्येक केंद्र में तौल कांटों की संख्या भी बढ़ाकर 6 की गई है. आवश्यकता होने पर तौल कांटों की संख्या को जिले में और बढ़ाया जा सकता है.
इसके अलावा प्रतिदिन प्रति उपार्जन केंद्र पर गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल किया गया है. इसे जिले और अधिक बढ़ा कर प्रति केंद्र 3000 क्विंटल कर सकते हैं.
बताया जा रहा है कि गेहूं खरीदी के लिए सीएम मोहन यादव ने सभी जिलों के कलेक्टरों को सख्त निर्देश दिए हैं. वह खुद भी जिलों के खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे. क्योंकि गेहूं खरीदी में शिकायतों के बाद यह फैसला लिया गया है.
मध्य प्रदेश में अब तक 9.71 लाख किसानों की तरफ से स्लॉट बुक किया जा चुका है. जिनमें से 4.85 लाख किसानों से 21.32 लाख मीट्रिक टन गेहूं का सफल उपार्जन किया गया है. जबकि गेहूं खरीदी की प्रक्रिया इस बार छुट्टी के दिन भी जारी है.
वहीं एमपी में गेहूं खरीदी का भुगतान भी लगातार जारी है. खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के मुताबिक अब तक 3229.10 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किसानों के खाते में किया जा चुका है.
