छत्तीसगढ़:- प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की अनिश्चितता से खेती को होने वाले नुकसान को लेकर अब किसानों की चिंता काफी हद तक दूर हो गई है. फसल खराब होने पर सरकार की ओर से मिलने वाले आर्थिक मुआवजे और सुरक्षा कवच ने किसानों में एक नया भरोसा जगाया है. इसी का नतीजा है कि इस बार छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ को लेकर किसानों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है.
5 साल का टूटा रिकॉर्ड, 81 हजार किसान हुए शामिल
धमतरी जिले में इस साल फसल बीमा कराने वाले किसानों की संख्या ने पिछले 5 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस सीजन में जिले के लगभग 81,000 किसानों ने अपनी फसलों का बीमा कराया है, जिसके तहत 84,277.75 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को कवर किया गया है. पिछले साल के मुकाबले इस बार बीमा कराने वाले किसानों की संख्या में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी (लगभग 9,300 अधिक किसान) दर्ज की गई है.
आपदा के वक्त आर्थिक संकट से बचाती है योजना
स्थानीय किसानों का कहना है कि पहले जब बाढ़, सूखा या कीट प्रकोप के कारण फसलें नष्ट हो जाती थीं, तो उनके पास आर्थिक तंगी से जूझने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता था, लेकिन अब फसल बीमा योजना की बदौलत नुकसान की सही भरपाई हो जाती है. छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों के लिए यह योजना बेहद मददगार साबित हो रही है, जिससे वे बिना किसी डर के अगली फसल की तैयारी कर पाते हैं.
जागरूकता और बेहतर क्रियान्वयन का असर
धमतरी कलेक्टर अविनाश मिश्रा और कृषि अधिकारी मोनेश साहू के अनुसार, प्रशासन द्वारा लगातार चलाए गए जागरूकता अभियानों और पारदर्शी प्रक्रिया के कारण किसानों का रुझान इस योजना की तरफ तेजी से बढ़ा है. किसान अब जोखिम प्रबंधन के प्रति अधिक सतर्क हो रहे हैं और अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित करने के लिए स्वेच्छा से आगे आ रहे हैं.
