छत्तीसगढ़:- हाईकोर्ट ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पदों के लिए सीमित प्रतियोगी परीक्षा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है. यह परीक्षा 20 सितंबर को होनी थी. यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के बाद लिया गया है जिसमें राज्य सरकारों से कहा गया है कि, वे न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 62 साल करने, या अंतरिम तौर पर 61 साल करने पर विचार करें.
20 सितंबर को होना था एग्जाम
दरअसल, हाईकोर्ट रजिस्ट्रार की ओर से जारी एक आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है कि न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने का मामला अभी राज्य सरकार के पास विचाराधीन है. इसलिए 20 सितंबर को होने वाली परीक्षा को कुछ समय के लिए रोकने का फैसला किया गया है. यह कदम ऑल इंडिया जजेज एसोसिएशन मामले में 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के दिए गए अहम फैसले के पालन में उठाया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने हाई कोर्ट के साथ तालमेल बिठाएं और जजों की रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 62 साल 61 साल करने के प्रस्ताव पर जल्द फैसला लें.
जानिए पूरा मामला
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने का मामला अभी राज्य सरकार के पास विचाराधीन है. ऑल इंडिया जजेज एसोसिएशन मामले में 5 अगस्त, 2026 को दिए गए एक अहम आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने के बारे में स्पष्ट निर्देश दिए थे. वित्तीय बोझ के बारे में राज्य सरकारों की दलील को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनुभवी जजों की सेवाएं बनाए रखना, नई भर्ती, ट्रेनिंग और पेंशन से जुड़े खर्चों की तुलना में ज्यादा व्यावहारिक और कम खर्चीला है.
रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने का फैसला
इस आदेश के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि वे संबंधित हाई कोर्ट के साथ मिलकर रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 62 साल करने, या अंतरिम तौर पर 61 साल करने के प्रस्ताव पर जल्द फैसला लें.
