मध्यप्रदेश:- रक्षाबंधन से पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 अगस्त को राज्य में श्रमिकों के परिवारों के लिए मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना 2.0 की 11वीं किस्त जारी की. इस योजना के तहत राज्य भर के 9,149 संबल लाभार्थियों के बैंक खातों में कुल 203 करोड़ की अनुग्रह राशि सीधे ट्रांसफर की गई. मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने श्रम शक्ति संहिता (Labour Power Code) लागू की है. इसके साथ ही, सरकार ने लेबर स्टार रेटिंग सिस्टम भी शुरू किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि श्रमिकों की गरिमा और सुरक्षा से कोई समझौता न हो. ऐसे में चलिए जानते हैं कि, आखिर संबल 2.0 योजना क्या है और इससे श्रमिकों और उनके परिवारों को क्या लाभ मिलते हैं?
मध्य प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल 2.0) योजना, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है. इस योजना के तहत पात्र श्रमिकों को अलग-अलग स्थितियों में आर्थिक मदद और अन्य लाभ मिलते हैं. हालांकि हर कोई संबल 2.0 के लाभ पाने का हकदार नहीं है. सरकार ने इसके लिए कुछ खास पात्रता शर्तें तय की हैं. जान लीजिए की संबल 2.0 योजना का लाभ कौन उठा सकता है और इसके लिए किन शर्तों को पूरा करना जरूरी है.
मध्य प्रदेश का निवासी होना जरूरी है
संबल 2.0 योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का मध्य प्रदेश का निवासी होना जरूरी है. दूसरे राज्यों के निवासी इसके लिए पात्र नहीं हैं. यह योजना मुख्य रूप से मध्य प्रदेश में रहने वाले असंगठित क्षेत्र के मजदूरों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए शुरू की गई है.
उम्र 18 से 60 साल के बीच होनी चाहिए
इस योजना के लिए उम्र की सीमा भी तय की गई है. इसके लिए आवेदक की उम्र 18 से 60 साल के बीच में होनी चाहिए. संबल 2.0 के लिए पात्र नहीं हैं. आवेदक की उम्र तय सीमा के अंदर होनी चाहिए.
असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक
संबल 2.0 का मुख्य मकसद असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा देना है. इसमें वे लोग शामिल हैं जो संगठित क्षेत्र में नियमित नौकरी करने के बजाय असंगठित क्षेत्र में काम करके अपनी आजीविका चलाते हैं.
इसमें खेतिहर मजदूर, सड़क किनारे सामान बेचने वाले, निर्माण कार्य में लगे मजदूर, गिग वर्कर और छोटे स्तर पर अपना काम-धंधा करने वाले लोग शामिल हैं.
परिवार के पास कितनी जमीन होनी चाहिए?
संबल 2.0 के लिए पात्रता शर्तों में परिवार की कृषि योग्य भूमि से जुड़ी एक शर्त भी शामिल है. आवेदक के परिवार के पास 1 हेक्टेयर से ज्यादा कृषि योग्य भूमि नहीं होनी चाहिए. इसका मतलब है कि जिन परिवारों के पास ज्यादा कृषि योग्य भूमि है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं हो सकते हैं. एक हेक्टेयर जमीन लगभग 2.5 एकड़ के बराबर होती है.
सरकारी नौकरी वालों को नहीं मिलाता लाभ
अगर आवेदक या उनके जीवनसाथी के पास सरकारी नौकरी है, तो इससे संबल 2.0 के लिए उनकी पात्रता पर असर पड़ता है. इस योजना का मकसद असंगठित क्षेत्र के उन कामगार परिवारों को सामाजिक सुरक्षा देना है, जिनके पास पहले से सरकारी सेवा से मिलने वाली नियमित सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध नहीं है.
आयकरदाता नहीं होना चाहिए
इस योजना का लाभ लेने के लिए एक और जरूरी शर्त यह है कि आवेदक इनकम टैक्स देने वाला नहीं होना चाहिएच. जो व्यक्ति इनकम टैक्स के दायरे में आता है, वह संबल 2.0 के लाभ के लिए पात्र नहीं माना जाता.
EPFO और ESIC के लाभार्थी
अगर कोई आवेदक पहले से ही EPFO या ESIC जैसे समाजिक सुरक्षा व्यवस्था का लाभ ले रहा है, तो वह संबल 2.0 के लिए पात्र नहीं होगा.
किस-किस रूप में मिलती है आर्थिक मदद?
मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल 2.0) योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के पात्र श्रमिकों और उनके परिवारों को अलग-अलग स्थितियों में आर्थिक सहायता मिलती है. खासतौर पर श्रमिक की मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में परिवार को आर्थिक मदद देने के लिए अनुग्रह राशि (ex-gratia payment) देने का प्रावधान है.
अनुग्रह सहायता की राशि कितनी है?
अगर संबल योजना के पात्र श्रमिक दुर्घटना के कारण मृत्यु का शिकार हो जाता है या स्थायी रूप से विकलांग हो जाता है, तो तय नियमों के अनुसार उनके परिवार को आर्थिक सहायता दी जाती है. सहायता की राशि मृत्यु या विकलांगता की खास परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग होती है.
प्राकृतिक मृत्यु: पात्र परिवार को 2 लाख की सहायता दी जाती है.
दुर्घटना से मृत्यु: परिवार को 4 लाख की आर्थिक सहायता मिलती है.
स्थायी विकलांगता: पात्र श्रमिक को 2 लाख की सहायता दी जाती है.
आंशिक स्थायी विकलांगता: 1 लाख की आर्थिक सहायता दी जाती है.
अंतिम संस्कार सहायता: अंतिम संस्कार के लिए 5,000 रुपए की सहायता का प्रावधान है.
बिजली बिल माफी और छूट का सच्चाई
संबल 2.0 योजना के बारे में लोगों का कहना है कि, संबल कार्डधारकों के बिजली बिल पूरी तरह से माफ कर दिए जाते हैं. हालांकि, सरल बिजली योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत तो मिलती है, लेकिन इसे पूरी तरह से बिल माफी नहीं की जाती है. पंजीकृत और पात्र संबल कार्डधारकों को हर महीने 200 यूनिट तक की खपत पर निर्धारित दरों के अनुसार रियायती बिजली का लाभ दिया जाता है. इस व्यवस्था का उद्देश्य कम आय वाले श्रमिक परिवारों के बिजली खर्च का बोझ कम करना है.
बच्चों की शिक्षा और फीस प्रोत्साहन
संबल 2.0 योजना का लाभ सिर्फ श्रमिकों तक ही सीमित नहीं है. सरकार पात्र श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा में मदद के लिए कई तरह के प्रोत्साहन और शैक्षिक सुविधाएं भी देती है. इस योजना के तहत, संबल में रजिस्टर्ड श्रमिकों के होनहार बच्चे उच्च और प्रोफेशनल शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता पा सकते हैं. जब पात्र छात्र मेडिसिन (MBBS), इंजीनियरिंग (BE/B.Tech), पॉलिटेक्निक, लॉ (LL.B) और मैनेजमेंट जैसे प्रोफेशनल कोर्स में दाखिला लेते हैं, तो सरकार तय नियमों के अनुसार फीस का खर्च उठाती है. संबल योजना के तहत पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रोत्साहित करने के प्रावधान भी शामिल हैं. तय पात्रता मानदंडों और नियमों के आधार पर, 12वीं कक्षा में बेहतरीन अंक लाने वाले मेधावी छात्रों को पुरस्कार और नकद प्रोत्साहन राशि दी जाती है.
मातृत्व सहायता योजना
संबल 2.0 योजना के तहत गर्भवती और प्रसव के समय पात्र महिला श्रमिकों को आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है. इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर पोषण मिल सके, इसके लिए उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करना है. संबल योजना के तहत पात्र महिलाओं को मातृत्व सहायता के लिए 16,000 की आर्थिक मदद मिलती है. यह राशि तय नियमों के अनुसार दो किश्तों में दी जाती है. पहली किश्त गर्भावस्था के दौरान जरूरी प्रसव-पूर्व जांच से जुड़ी होती है, जबकि दूसरी किश्त प्रसव के बाद टीकाकरण और पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए दी जाती है. इस सहायता का मकसद मां और नवजात शिशु दोनों के स्वास्थ्य और पोषण को सुनिश्चित करना है, साथ ही बच्चे के जन्म से जुड़े खर्चों के लिए परिवार को आर्थिक राहत देना है. हालांकि, इस लाभ को पाने के लिए महिला का संबल योजना के तहत पात्र होना और तय शर्तों को पूरा करना जरूरी है.
संबल 2.0 का कार्ड कैसे बनवाएं?
संबल 2.0 योजना के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बना दिया गया है. पात्र श्रमिक घर बैठे ही ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के बाद, संबंधित विभाग दस्तावेजों और पात्रता की जांच करता है.
- आधिकारिक पोर्टल के जरिए करें अप्लाई
योग्य आवेदक sambal.mp.gov.in पर जाकर संबल योजना के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं. वेरिफिकेशन प्रोसेस के दौरान किसी भी तरह की दिक्कत से बचने के लिए जरूरी जानकारी को ध्यान से भरना जरूरी है. - जरूरी डॉक्यूमेंट्स
अप्लाई करने के लिए आपके पास कुछ डॉक्यूमेंट्स और जानकारी तैयार होनी चाहिए. इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं.
समग्र ID
आधार कार्ड (e-KYC के लिए)
आधार और DBT से जुड़ा बैंक अकाउंट
मोबाइल नंबर
बैंक अकाउंट की सही जानकारी देना बहुत जरूरी है, क्योंकि योग्यता पूरी होने पर योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक मदद सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए अकाउंट में ट्रांसफर की जाती है.\
- अप्लाई करने के बाद वेरिफिकेशन
ऑनलाइन एप्लीकेशन जमा होने के बाद संबंधित जनपद पंचायत या नगरपालिका-नगर निगम द्वारा आवेदक की योग्यता और डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन किया जाता है. वेरिफिकेशन प्रोसेस पूरा होने के बाद योग्य आवेदक के लिए एक डिजिटल संबल कार्ड जारी किया जाता है.
